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Saturday 30th of May 2020
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अलामाते ज़हूरे महदी (अ0) के मोताअल्लिक़ मासूमीन के इरशादात

अलामाते ज़हूरे महदी (अ0) के मोताअल्लिक़ मासूमीन के इरशादात
आलामाते ज़हूरे महदी (अ0) के मोताअल्लिक़ अरबाबे इस्मत के इरशादातइमाम महदी (अ0) का ज़हूर होगा। मग़रिब व मशरिक पर आपकी हुकूमत होगी। ज़मीन ख़ुद बा ख़ुद तमाम दफ़ीने (ज़मीन के ...

इमाम महदी (अ) क़ुरआन और दीगर आसमानी किताबों में

इमाम महदी (अ) क़ुरआन और दीगर आसमानी किताबों में
हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम का नामे नामी तमाम आसमानी किताबों तौरैत, ज़बूर, इन्जील में मौजूद है। क़ुरआने करीम की कई आयात में आपके बारे में तफ़्सीर व तावील की गई है। ...

इमाम महदी अ.ज. की वैश्विक हुकूमत में हज़रत ईसा अ. की भूमिका।

इमाम महदी अ.ज. की वैश्विक हुकूमत में हज़रत ईसा अ. की भूमिका।
हज़रत ईसा अ. का आसमान से उतरना जहाँ पश्चिमियों और दुनिया भर के ईसाईयों को इस्लाम से क़रीब करेगा और मुसलमानों व ईसाईयों में सुलह और समझौते का कारण बनेगा वहीं इमाम महदी अ.ज. से ...

ज़्यारते नाहिया और उसका तरजुमा

ज़्यारते नाहिया और उसका तरजुमा
ज़्यारते नाहिया أَلسَّلامُ عَلى ادَمَ صِفْوَةِ اللهِ مِنْ خَليقَتِهِ ، أَلسَّلامُ عَلى شَيْث وَلِىِّ اللهِ وَ خِيَرَتِهِ ، أَلسَّلامُ عَلى إِدْريسَ الْقــآئِمِ للهِِ بِحُـجَّتِهِ ، أَلسَّلامُ عَلى نُوح الْمُجابِ في دَعْوَتِهِ ، ...

ईदे ज़हरा ???

ईदे ज़हरा ???
हमारे समाज में बहुत सी ईदें आती हैं जैसे ईद उल फि़त्र, ईदे क़ुरबान, ईदे मुबाहिला और ईदे ज़हरा वग़ैरह, यह सारी ईदें किसी वाकेए की तरफ़ इशारा करती हैं।ईद उल फि़त्रः पहली ...

ग़ायब इमाम के फ़ायदे

ग़ायब इमाम के फ़ायदे
इंसानी समाज, सैंकड़ों साल से अल्लाह की हुज्जत के ज़हूर के फ़ायदों से वंचित है और इस्लामी समाज उस आसमानी व मासूम इमाम के पास जाने में असमर्थ है। इस स्थिति से यह सवाल यह उठता ...

ह़ज़रत हुज्जत अलैहिस्सलाम की क़ियामगाह

ह़ज़रत हुज्जत अलैहिस्सलाम की क़ियामगाह
ह़ज़रत हुज्जत अलैहिस्सलाम की क़ियामगाह ह़ज़रत हुज्जत अलैहिस्सलाम की क़ियामगाह के बारे में जो क़ौल मुसल्लम व ना क़ाबिले तरदीद है वह यह है कि आप हर साल ह़ज के मौसम में ...

हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम का परिचय

हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम का परिचय
हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम का परिचयनाम व अलक़ाबहज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम का नाम हज़रत पैगम्बर(स.) के नाम पर है। तथा आपकी मुख्य़ उपाधियाँ महदी मऊद, इमामे अस्र, ...

महदवियत के लिए नुक्सानदेह चीज़ों की पहचान 3

महदवियत के लिए नुक्सानदेह चीज़ों की पहचान 3
विभिन्न रिवायतों से यह नतीजा निकलता है कि लोगों में ग़ुरबत के एहसास के न होने की वजह यह होगी कि उनके यहाँ क़नाअत का एहसास पाया जाता होगा। दूसरे शब्दों में यूँ कहा जाये कि इस ...

इमाम महदी अ.ज. की वैश्विक हुकूमत में हज़रत ईसा अ. की भूमिका।

इमाम महदी अ.ज. की वैश्विक हुकूमत में हज़रत ईसा अ. की भूमिका।
 हज़रत ईसा अ. का आसमान से उतरना जहाँ पश्चिमियों और दुनिया भर के ईसाईयों को इस्लाम से क़रीब करेगा और मुसलमानों व ईसाईयों में सुलह और समझौते का कारण बनेगा वहीं इमाम महदी अ.ज. ...

इन्तेज़ार की हक़ीक़त

इन्तेज़ार की हक़ीक़त
इन्तेज़ार के विभिन्न अर्थ व मअनी वर्णन किये गए हैं, लेकिन इस शब्द पर गौर व फिक्र के ज़रिये इसके अर्थ की वास्तविक्ता तक पहुँचा जा सकता है। इन्तेज़ार का अर्त किसी के लिए आँखे ...

दज्जाल

दज्जाल
दज्जाल दजल लफ़्ज़ से बना है और दजल के मअना फ़रेब हैं। उसका असली नाम साइफ़ बाप का नाम आइद और माँ का नाम कातेहा उर्फ़ क़तामा है। वह पैग़म्बरे इस्लाम (स.) के ज़माने में तीहा नामी ...

अलामाते ज़हूरे महदी (अ0) के मोताअल्लिक़ मासूमीन के इरशादात

अलामाते ज़हूरे महदी (अ0) के मोताअल्लिक़ मासूमीन के इरशादात
आलामाते ज़हूरे महदी (अ0) के मोताअल्लिक़ अरबाबे इस्मत के इरशादात इमाम महदी (अ0) का ज़हूर होगा। मग़रिब व मशरिक पर आपकी हुकूमत होगी। ज़मीन ख़ुद बा ख़ुद तमाम दफ़ीने (ज़मीन के ...

15 शाबान

15 शाबान
एक बार फिर १५ शाबान की शुभ बेला आ पहुंची है और मुक्ति दाता की प्रतीक्षा ने दिलों को व्याकुल कर दिया है। आज के दिन उस महान व्यक्ति का जन्म हुआ है जो ईश्वरीय दूतों के पावन ...

इमामे ज़माना (अ) की ग़ैबत में हमारी जिम्मेदारियां।

इमामे ज़माना (अ) की ग़ैबत में हमारी जिम्मेदारियां।
अबनाः ग़ैबते कुबरा के ज़माने में उम्मत का सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य इमामे ज़माना अलैहिस्सलाम की पहचान हासिल करना है और यह इतना महत्वपूर्ण है कि पैग़म्बर स. ने फ़रमायाःمن مات ...

क़ुरआन और इल्म

क़ुरआन और इल्म
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीमक़ुरआन और इल्म क़ुरआन और इल्म के रिश्ते को समझने के लिए इतना काफ़ी है कि क़ुरआन आलमें इंसानियत की रहबरी के लिए आया है और आलमे इंसानियत का कमाल ...

इन्तेज़ार

इन्तेज़ार
हज़रत इमाम अली (अ) फ़रमाते हैःاَفْضَلُ عِبٰادَةِ الْمُوْمِنِ اِنْتِظٰارُ فَرَجِ اللّٰہमोमिन की सबसे बड़ी इबादत यह है कि वह अल्लाह की तरफ़ से (दुख और कठिनाईयों) से नजात के इन्तेज़ार में ...

307, हिजरी में आपका हजरे असवद नसब करना

307, हिजरी में आपका हजरे असवद नसब करना
अल्लामा अरबी लिखते हैं कि ज़मानए नियाबत में बाद हुसैन बिन रौह अबुल क़ासिम, क़ौलाया हज के इरादे से बग़दाद गये और वह मक्के मोअज़्जमा पहुँच कर हज करने का फ़ैसला किये हुए थे। ...

अदालते इमाम महदी अलैहिस्सलाम

अदालते इमाम महदी अलैहिस्सलाम
हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम के ज़हूर के बाद जिस अदालत का वादा किया गया है, वह इतने बड़े पैमाने पर है कि दुनिया की हुकूमतें ऐसी अदालत क़ायम करने में सामर्थ नही है।अदालत, ...

ज़ुहूर कब

ज़ुहूर कब
जिस वक़्त ज़ुहूर की बातें होती हैं तो इंसान के दिल में एक बहुत सुन्दर एहसास पैदा होता है जैसे वह नहर के किनारे किसी हरे भरे बाग में बैठा हुआ है और मधुर स्वर बुलबुलों की आवाज़ ...