Hindi
Sunday 1st of August 2021
Mahdawiat
ارسال پرسش جدید

ईदे ज़हरा ???

ईदे ज़हरा ???
हमारे समाज में बहुत सी ईदें आती हैं जैसे ईद उल फि़त्र, ईदे क़ुरबान, ईदे मुबाहिला और ईदे ज़हरा वग़ैरह, यह सारी ईदें किसी वाकेए की तरफ़ इशारा करती हैं।ईद उल फि़त्रः पहली ...

दज्जाल

दज्जाल
दज्जाल दजल लफ़्ज़ से बना है और दजल के मअना फ़रेब हैं। उसका असली नाम साइफ़ बाप का नाम आइद और माँ का नाम कातेहा उर्फ़ क़तामा है। वह पैग़म्बरे इस्लाम (स.) के ज़माने में तीहा नामी ...

307, हिजरी में आपका हजरे असवद नसब करना

307, हिजरी में आपका हजरे असवद नसब करना
अल्लामा अरबी लिखते हैं कि ज़मानए नियाबत में बाद हुसैन बिन रौह अबुल क़ासिम, क़ौलाया हज के इरादे से बग़दाद गये और वह मक्के मोअज़्जमा पहुँच कर हज करने का फ़ैसला किये हुए थे। ...

महदवियत के लिए नुक्सानदेह चीज़ों की पहचान 3

महदवियत के लिए नुक्सानदेह चीज़ों की पहचान 3
विभिन्न रिवायतों से यह नतीजा निकलता है कि लोगों में ग़ुरबत के एहसास के न होने की वजह यह होगी कि उनके यहाँ क़नाअत का एहसास पाया जाता होगा। दूसरे शब्दों में यूँ कहा जाये कि इस ...

इमाम अस्र (अ) कुरआने करीम की रौशनी में

इमाम अस्र (अ) कुरआने करीम की रौशनी में
इस्लामी रिवायतों की बिना पर क़ुरआने मजीद की बे शुमार आयतें अहले बैत अलैहिम अस्सलाम के फ़ज़ाइल व मनाक़िब के गिर्द घूम रही हैं और इन्हीं मासूम हस्तियों के किरदार के ...

इन्तेज़ार करने वालों की ज़िम्मेदारियाँ

इन्तेज़ार करने वालों की ज़िम्मेदारियाँ
मासूम इमामों की हदीसों और रिवायतों में ज़हूर का इन्तेज़ार करने वालों की बहुत सी ज़िम्मेदारियों का वर्णन हुआ हैं। हम यहाँ पर उन में से कुछ महत्वपूर्ण निम्न लिखित ...

इमामे ज़माना (अ) की ग़ैबत में हमारी जिम्मेदारियां।

इमामे ज़माना (अ) की ग़ैबत में हमारी जिम्मेदारियां।
अबनाः ग़ैबते कुबरा के ज़माने में उम्मत का सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य इमामे ज़माना अलैहिस्सलाम की पहचान हासिल करना है और यह इतना महत्वपूर्ण है कि पैग़म्बर स. ने फ़रमायाःمن مات ...

इमाम महदी अलैहिस्सलाम की ग़ैबत पर उलमा ए- अहले सुन्नत का इजमा

इमाम महदी अलैहिस्सलाम की ग़ैबत पर उलमा ए- अहले सुन्नत का इजमा
?अक्सर उलमा -ए- इस्लाम इमाम महदी अलैहिस्सलाम के वजूद को तसलीम करते हैं। इसमें शिया और सुन्नी का कोई सवाल नहीं। हर फ़िर्क़े के उलमा मानते हैं कि आप पैदा हो चुके हैं, और मौजूद ...

उमूमी सफ़ीरों के नाम

उमूमी सफ़ीरों के नाम
मुनासिब मालूम होता है कि उन सुफ़रा के अस्मा भी दर्ज कर दिये जायें जो नव्वाबे ख़ास के ज़रिये और सिफ़ारिश से इमाम के हुक्म से मुमालिके महरूसा मख़सूसा में इमाम अलैहिस्सलाम का ...

अलामाते ज़हूरे महदी (अ0) के मोताअल्लिक़ मासूमीन के इरशादात

अलामाते ज़हूरे महदी (अ0) के मोताअल्लिक़ मासूमीन के इरशादात
आलामाते ज़हूरे महदी (अ0) के मोताअल्लिक़ अरबाबे इस्मत के इरशादातइमाम महदी (अ0) का ज़हूर होगा। मग़रिब व मशरिक पर आपकी हुकूमत होगी। ज़मीन ख़ुद बा ख़ुद तमाम दफ़ीने (ज़मीन के ...

ग़ायब इमाम के फ़ायदे

ग़ायब इमाम के फ़ायदे
इंसानी समाज, सैंकड़ों साल से अल्लाह की हुज्जत के ज़हूर के फ़ायदों से वंचित है और इस्लामी समाज उस आसमानी व मासूम इमाम के पास जाने में असमर्थ है। इस स्थिति से यह सवाल यह उठता ...

ग़ैबत सुग़रा व कुबरा और आपके सुफ़रा

ग़ैबत सुग़रा व कुबरा और आपके सुफ़रा
आपकी ग़ैबत की दो हैसियतें थीं। एक सुग़रा और दूसरी कुबरा। ग़ैबते सुग़रा की मुद्दत 69 साल थी। उसके बाद ग़ैबते कुबरा शुरू हो गई। ग़ैबते सुग़रा केज़माने में आपका एक नायबे ख़ास ...

ह़ज़रत हुज्जत अलैहिस्सलाम की क़ियामगाह

ह़ज़रत हुज्जत अलैहिस्सलाम की क़ियामगाह
ह़ज़रत हुज्जत अलैहिस्सलाम की क़ियामगाह ह़ज़रत हुज्जत अलैहिस्सलाम की क़ियामगाह के बारे में जो क़ौल मुसल्लम व ना क़ाबिले तरदीद है वह यह है कि आप हर साल ह़ज के मौसम में ...

इन्तेज़ार- सबसे बड़ी इबादत।

इन्तेज़ार- सबसे बड़ी इबादत।
इमाम महदी अज. और उनके ज़ुहूर का विश्वास और अक़ीदा केवल शियों का अक़ीदा नहीं है बल्कि अहले सुन्नत भी इसे मानते हैं। अंतर यह है कि अधिकतर सुन्नी कहते हैं कि अभी उनका जन्म नहीं ...

इन्तेज़ार की हक़ीक़त

इन्तेज़ार की हक़ीक़त
इन्तेज़ार के विभिन्न अर्थ व मअनी वर्णन किये गए हैं, लेकिन इस शब्द पर गौर व फिक्र के ज़रिये इसके अर्थ की वास्तविक्ता तक पहुँचा जा सकता है। इन्तेज़ार का अर्त किसी के लिए आँखे ...

अदालते इमाम महदी अलैहिस्सलाम

अदालते इमाम महदी अलैहिस्सलाम
हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम के ज़हूर के बाद जिस अदालत का वादा किया गया है, वह इतने बड़े पैमाने पर है कि दुनिया की हुकूमतें ऐसी अदालत क़ायम करने में सामर्थ नही है।अदालत, ...

मानवता के अंतिम मुक्तिदाता हज़रत इमाम मेहदी अलैहिस्सलाम का जन्म दिवस

मानवता के अंतिम मुक्तिदाता हज़रत इमाम मेहदी अलैहिस्सलाम का जन्म दिवस
आज १५ शाबान का शुभ अवसर है। सन २५५ हिजरी क़मरी में १५ शाबान को हज़रत इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की फूफी जनाब हकीमा उनके घर आयीं ताकि अपने परिजनों से भेंट करें। जनाब हकीमा जब ...

इन्तेज़ार

इन्तेज़ार
हज़रत इमाम अली (अ) फ़रमाते हैःاَفْضَلُ عِبٰادَةِ الْمُوْمِنِ اِنْتِظٰارُ فَرَجِ اللّٰہमोमिन की सबसे बड़ी इबादत यह है कि वह अल्लाह की तरफ़ से (दुख और कठिनाईयों) से नजात के इन्तेज़ार में ...

ज़्यारते नाहिया और उसका तरजुमा

ज़्यारते नाहिया और उसका तरजुमा
ज़्यारते नाहिया أَلسَّلامُ عَلى ادَمَ صِفْوَةِ اللهِ مِنْ خَليقَتِهِ ، أَلسَّلامُ عَلى شَيْث وَلِىِّ اللهِ وَ خِيَرَتِهِ ، أَلسَّلامُ عَلى إِدْريسَ الْقــآئِمِ للهِِ بِحُـجَّتِهِ ، أَلسَّلامُ عَلى نُوح الْمُجابِ في دَعْوَتِهِ ، ...

इसहाक़ बिन याक़ूब के नाम इमामे अस्र का ख़त

इसहाक़ बिन याक़ूब के नाम इमामे अस्र का ख़त
अल्लामा तबरिसी बहवाला-ए-मुहम्मद बिन याक़ूब कुलैनी लिखते है कि इस्हाक़ बिन याक़ूब ने बज़रिये मुहम्मद बिन उस्मान अमरी हज़रत इमाम महदी (अ0) की ख़िदमत में एक ख़त इरसाल ...