Hindi
Sunday 26th of June 2022
914
0
نفر 0

रूहानी अज़ाब

रूहानी अज़ाब

. ग़म व दुख और हसरत: जहन्नम वाले जब भी जहन्नम के ग़म व दुख से निकलना चाहेगें उन से कहा जायेगा कि पलट जाओ और जहन्नम के अज़ाब को चखो। (सूर ए हज आयत 22)


2. लानत: जहन्नम वाले एक दूसरे पर लानत भेजेगें। (सूर ए अनकबूत आयत 25)


3. शैतान की बुराई: जहन्नम वाले शैतान से कहेगें कि तुम्हारी वजह से हम गुमराह हुए। वह जवाब देगा कि ख़ुदा ने तुम्हे सच्चा वादा दिया तुम ने कबूल न किया और मैंने झूठा वादा दिया और तुमने कबूल कर लिया। लिहाज़ा मेरे बजाए ख़ुद को बुरा भला कहो। (सूर ए इब्राहीम आयत 22)


4. जहन्नम में जाने का सबब: कुफ़्र व निफ़ाक की वजह से तो लोग जहन्नम में जायेगें ही उस के अलावा अगर कोई इबादात और वाजिबात को बजा न लाये और जिन चीज़ों से मना किया गया है उन्हे अंजाम दे वह भी जहन्नम में जायेगा। इस लिये कि क़ुरआने मजीद में इरशाद होता है (जन्नत वाले, जहन्नम वालों से सवाल करेगें कि किस चीज़ ने तुम्हे जहन्नम में झोंक दिया? वह जवाब देगें कि हम नमाज़ी नही थे, ग़रीबों की मदद नही करते थे, बुराई करने वालों के साथ हो जाते थे और क़यामत का इंकार करते थे।) (सूर ए मुद्दसिर आयत 40, 42)

914
0
0% (نفر 0)
 
نظر شما در مورد این مطلب ؟
 
امتیاز شما به این مطلب ؟
اشتراک گذاری در شبکه های اجتماعی:
لینک کوتاه

latest article

ब्रह्मांड 7
ईदे ग़दीर
आव्रत्ति और नेमत की भयावहता
हज़रत अली अलैहिस्सलाम की शहादत
हज़रत इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम का ...
इमाम असकरी अलैहिस्सलाम और उरूजे ...
क़ुरआन पढ़ते ही पता चल गया कि यह ...
नहजुल बलाग़ा में हज़रत अली के ...
इमामे रज़ा अलैहिस्सलाम
पवित्र रमज़ान-8

 
user comment