Hindi
Wednesday 27th of May 2020
  4133
  0
  0

इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम की अहादीस

इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम की अहादीस

आज मिले अवसर से लाभ उठाओ, कौन जाने "कल" किसका होगा।



जिसकी ज़बान सच्ची होगी, उसका चरित्र पवित्र हो जाएगा।



विनम्रता यह है कि अन्य लोगों से भेंट के समय उन्हें सलाम करो और बहस से बचो, भले ही तुम्हारी बात सही हो।



आलसी लोग, दूसरों के अधिकार पूरे नहीं कर पाते जबकि असंयमी लोग, अपने अधिकार पर संतुष्ट नहीं रहते।



जो कोई ईश्वर पर भरोसा करता है वो किसी से वासजित नहीं होता और जो ईश्वर पर निर्भर रहता है विफ़ल नहीं होता।



ईमान का अर्थ है आस्था और कर्म, और इस्लाम का अर्थ है बिना कर्म की आस्था।

  4133
  0
  0
امتیاز شما به این مطلب ؟

latest article

    सुन्नी श्रद्धालु इमाम अली रज़ा ...
    हज़रत इमाम हसन अस्करी (स) के उपदेश
    अमरीका और तालेबान के बीच वार्ता
    इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम की अहादीस
    28 सफ़र रसूले इस्लाम स. और इमाम हसन अ. की ...
    शहादते इमाम मोहम्मद बाक़िर ...
    कर्बला के संदेश
    मासूमाऐ क़ुम जनाबे फातेमा बिन्ते ...
    रबीउल अव्वल के महीने पर एक निगाह
    हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स. की कुछ हदीसें।

latest article

    सुन्नी श्रद्धालु इमाम अली रज़ा ...
    हज़रत इमाम हसन अस्करी (स) के उपदेश
    अमरीका और तालेबान के बीच वार्ता
    इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम की अहादीस
    28 सफ़र रसूले इस्लाम स. और इमाम हसन अ. की ...
    शहादते इमाम मोहम्मद बाक़िर ...
    कर्बला के संदेश
    मासूमाऐ क़ुम जनाबे फातेमा बिन्ते ...
    रबीउल अव्वल के महीने पर एक निगाह
    हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स. की कुछ हदीसें।

 
user comment