Hindi
Sunday 27th of September 2020
  41
  0
  0

मोबाइल के द्वारा फैलने वाली बीमारियाँ।

आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के नतीजे में अलग अलग तरह की बीमारियां सामने आती हैं जो इन्सान की सेहत के लिए बहुत ख़तरनाक हो सकती हैं। पिछले कुछ साल और प्रौद्योगिकी के काल में मोबाइल फ़ोन, टैबलेट और लैपटॉप, आज की ज़िन्दगी का अटूट हिस्सा बन गए हैं। सं
मोबाइल के द्वारा फैलने वाली बीमारियाँ।

आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के नतीजे में अलग अलग तरह की बीमारियां सामने आती हैं जो इन्सान की सेहत के लिए बहुत ख़तरनाक हो सकती हैं।
पिछले कुछ साल और प्रौद्योगिकी के काल में मोबाइल फ़ोन, टैबलेट और लैपटॉप, आज की ज़िन्दगी का अटूट हिस्सा बन गए हैं। संपर्क के नए साधन अपने साथ अनेक प्रकार की बीमारी भी लाए हैं जो दीर्घावधि में इन्सान के लिए ख़तरनाक हैं।मोबाइल को सोते वक़्त क़रीब रखने के कारण नींद में रुकावट होती है और इसके जारी रहने से अनेक प्रकार की लंबे समय तक रहने वाली बीमारियों का ख़तरा रहता है।मोबाइल पर बार बार मैसेज लिखने और भेजने से रीढ़ की हड्डी पर बहुत दबाव पड़ता है। चूंकि मैसेज लिखते व भेजते वक़्त व्यक्ति विशेष मुद्रा में होता है जिसका गर्दन और कांधे पर बुरा प्रभाव पड़ता है और इसी प्रकार रीढ़  की हड्डी के लिए भी अनेक प्रकार की मुश्किलें पैदा हो जाती हैं।डाक्टरों का मानना है कि मोबाइल से निकलने वाली किरणों से त्वचा पर झुर्रियां पड़ती हैं। इन किरणों से त्वचा के सेल मर जाते हैं और इसके नतीजे में त्वचा पर झुर्रिया पड़ती हैं।लैपटॉप, टैबलेट, और टेलीविजन जैसे संपर्क के साधन इन्सान की आंख की रौशनी को कमज़ोर कर देते हैं।शोधकर्ताओं का मानना है कि हाथ में मोबाइल लगातार पकड़े रहने से उंगलियों और हाथ के शिनाओं में सूजन आ जाती है।


source : abna24
  41
  0
  0
امتیاز شما به این مطلب ؟

latest article

सूरे रअद का की तफसीर 2
नेपालः निरंतर बढ़ती मृतकों की संख्या, ...
तेहरान, स्वीट्ज़रलैंड के दूतावास के ...
अल्ताफ़ हुसैन को 81 साल क़ैद की सज़ा
पश्चाताप आदम और हव्वा की विरासत 3
कफ़न चोर की पश्चाताप 6
इस्लाम में पड़ोसी के अधिकार
सभी समुदाय के लोगों ने मिलकर की ...
चिकित्सक 11
शहीदों की याद बाक़ी रखना हम सबकी ...

 
user comment