Hindi
Friday 6th of August 2021
244
0
نفر 0
0% این مطلب را پسندیده اند

हज़रत अली (अ.स.) की नज़र में हज़रते ज़हरा

शादी के अगले दिन जब पैगंबर ने अली (अ.स.) से पूछा:ऐ अली तुमने मेरी बेटी जहरा को कैसा पाया? इमाम ने जवाब दिया, फातिमा अल्लाह की इताअत में सबसे अच्छी मददगार हैं। अमीरुल-मोमनीन(अ.स.)फ़रमाते हैं: फातिमा कभी भी मुझसे नाराज़ नहीं हुईं और न मुझको नाराज़ किया। जब भी मै उनके चेहरे पर नज़र करता हूं मेरे सभी दुख सुलझ जाते हैं और सारी तकलीफ़ें दूर हो जाती हैं।
हज़रत अली (अ.स.) की नज़र में हज़रते ज़हरा



शादी के अगले दिन जब पैगंबर ने अली (अ.स.) से पूछा:ऐ अली तुमने मेरी बेटी जहरा को कैसा पाया? इमाम ने जवाब दिया, फातिमा अल्लाह की इताअत में सबसे अच्छी मददगार हैं।


अमीरुल-मोमनीन(अ.स.)फ़रमाते हैं: फातिमा कभी भी मुझसे नाराज़ नहीं हुईं और न मुझको नाराज़ किया।


जब भी मै उनके चेहरे पर नज़र करता हूं मेरे सभी दुख सुलझ जाते हैं और सारी तकलीफ़ें दूर हो जाती हैं।


न उन्हों ने कभी मुझे क्रोधित किया और न कभी मैने उनको रसूल्लाह स.व. फ़रमाते हैं अगर अली न होते तो फ़ातिमा के कोई बराबर न होता।


source : alhassanain
244
0
0% (نفر 0)
 
نظر شما در مورد این مطلب ؟
 
امتیاز شما به این مطلب ؟
اشتراک گذاری در شبکه های اجتماعی:

latest article

अमीरूल मोमिनीन हज़रत अली अ.ह
रबीउल अव्वल के महीने पर एक निगाह
काबे के पालनहार की सौगंध मैं सफल हो ...
घर वालों की अहम ज़िम्मेदारी
इमाम हुसैन अ. एक बेमिसाल हस्ती।
अहलेबैत अ. की श्रेष्ठता
अल्लाह के इंसाफ़ का डर
हज़रत इमाम जाफ़र सादिक़ (अ)
शाह अब्दुल अज़ीम हसनी
दुनिया के 3 करोड़ के सबसे बड़े और भव्य ...

 
user comment