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Sunday 20th of September 2020
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बाज़ार और मछली की कहानी

बाज़ार और मछली की कहानी

इमाम मुहम्मद तक़ी (अ.) जिनकी आयु उस समय लगभग नौ साल थी एक दिन बग़दाद के किसी रास्ते पर खड़े हुए थे और कुछ लड़के वहाँ खेल रहे थे कि अचानक मामून की सवारी दिखाई दी सब लड़के डर कर भाग गए मगर हज़रत इमाम मुहम्मद तक़ी अलैहिस्सलाम अपनी जगह पर खड़े रहे जब मामून की सवारी वहाँ पहुँची तो उसने हज़रत इमाम तक़ी (अ.) की तरफ़ मुड़ कर कहा जब सब लड़के भाग गए थे तो तुम क्यों नहीं भागे? तो आपने बिना किसी झिझक के जवाब दिया कि रास्ता इतना चौड़ा है कि मेरे खड़े रहने से तुम्हारे रास्ते में रुकावट पैदा नहीं हो रही और न ही मैंने कोई अपराध किया है कि उससे डर कर भाग जाऊँ और मेरा ख्याल यह है कि तुम बे गुनाह को नुक़सान नहीं पहुँचाओगे। मामून को इमाम मुहम्मद तक़ी (अ.) की यह बात बहुत पसन्द आई उसके बाद मामून वहाँ से आगे बढ़ गया उसके साथ शिकारी बाज़ भी थे जब आबादी से बाहर निकल गया तो उसने एक बाज़ को एक चकोर पर छोड़ा, बाज़ निगाहों से ओझल हो गया और जब वापस आया तो उसकी चोंच में एक छोटी सी मछली थी जिसको देख कर मामून को बहुत आश्चर्य हुआ थोड़ी देर में जब वह उसी तरफ़ लौटा तो उसने हज़रत इमाम तक़ी (अ.) को दूसरे लड़कों के साथ वहीं देखा जहाँ वह पहले थे लड़के मामून की सवारी देख कर फिर भाग गए लेकिन इमाम मुहम्मद तक़ी (अ.) पहले ही की तरह खड़े रहे जब मामून उनके निकट आया तो मुठ्ठी बंद करके कहने लगा कि बेटा बताओ मेरे हाथ में क्या है? तो आपने फ़रमाया अल्लाह तआला ने दरयाओं में छोटी मछलियाँ पैदा की हैं और बादशाह अपने शिकारी बाज़ से उन मछलियों का शिकार करके अपनी मुठ्ठी में बंद करके हम अहलेबैत (अ.) का इम्तेहान लेता है बादशाह को यह सुन कर बहुत आश्चर्य हुआ और उसने कहा कि बेशक आप इमाम अली नक़ी (अ.) के बेटे हैं और आपको अपने साथ ले गया यह घटना सुन्नियों और शियों दोनों की किताबों में मौजूद है। अल्लामा मजलिसी के अनुसार कुछ नदियाँ ऐसी हैं जिनसे बादल छोटी मछलियों को उड़ा कर ऊपर ले जाते हैं इसी तरह अमरीका के एक न्यूज़ पेपर में भी छप चुका है कि अमरीका की नहर पनामा में जो सिडोबोल बंदरगाह के निकट है मछलियों की बारिश हुई है इसलिए इस घटना में शक नहीं किया जा सकता है जबकि शिया और सुन्नी दोनों ने अपनी किताबों में इसे जगह दी है।


source : welayat.in
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