Hindi
Thursday 19th of May 2022
302
0
نفر 0

गुरूवार रात्रि 3

गुरूवार रात्रि 3

लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान

किताब का नाम: शरहे दुआ ए कुमैल

 

हमने इस से पूर्व गुरुवार रात्रि 2 के लेख मे याक़ूब नबी से संम्बंधित बात बताइ थी परन्तु इस भाग 3 मे गुरुवार रात्रि के महत्तव को शिया समप्रदाय के इमाम ने इस प्रकार बयान किया है।

इमाम बाकिर[१] (अ.स.) ने कहाः

प्रत्येक गुरुवार रात्रि को ईश्वर स्वर्गीय दूत को आदेश देता है कि वह रात्रि के आरम्भ होने से उसकी समाप्ति तक महान ईश्वर की ओर से आवाज़ लगाएः कोई आस्तिक व्यक्ति है जो सुबह होने से पूर्व दुनिया और उसके बाद (आख़ेरत) के लिए मेरी प्रार्थना करे ताकि मै उसकी प्रार्थना स्वीकार करूँ? कोई आस्तिक व्यक्ति है जो सुबह होने से पूर्व अपने पापो से पश्चताप करे ताकि मै उसकी पश्चताप स्वीकार करुँ? कोई विश्वासी व्यक्ति है जिसकी रोज़ी मैने कम की हो और वह मुझ से चाहता हो कि सवेरा होने से पूर्व मै उसकी रोज़ी मे वृद्धि करूँ? कोई आस्तिक बीमार है जो मुझ से विनती करे कि भोर होने से पूर्व मै उसे स्वस्थ कर दूँ? कोई आस्तिक दुखी एंव कारावासी (जेल मे बंद) है जो कि मुझ से यह इच्छा करे कि भोर होने से पूर्व मै उसे जेल से स्वतंत्र करा दूँ तथा उसके दुखो को समाप्त करूँ और उसकी प्रार्थना स्वीकार करुँ? कोई अत्याचार से पीडित है जो सुबह होने से पूर्व मुझ से यह इच्छा रखता हो कि मै अत्याचारी से उसका बदला लूँ और उसका हक़ उसे पलटा दूँ? स्वर्गीय दूत भोर होने तक यही आवाज़ लगाता रहता है[२]  

  

जारी   



[१] इमाम बाकिर (अ.स) शिया समप्रदाय के पाँचवे इमाम है। (अनुवादक)

[२]  إِنَّ أللہَ تَعَالیٰ لَیَأمُرُ مَلَکاً فَیُنَادِی کُلَّ لَیلَۃِ جُمُعَۃ مِن فَوقِ عَرشِہِ مِن أَوَّلِ الَّلیلِ إِلَی آَخِرِہِ أَلَاعَبد مُؤمن یَدعُونِی لِأَخِرَتِہِ وَ دُنیَاہُ قَبلَ طُلُوعِ الفَجرِ فَأُجِیبَہُ أَلَاعَبد مُؤمن یَتُوبُ إِلَیَّ مِن ذُنُوبِہِ قَبلَ طُلُوعِ الفَجرِفَأَتُوبُ إِلَیہِ أَلَاعَبد مُؤمن قَد قَتَّرتُ عَلَیہِ رِزقَہُ فَیَسأَلّنِی أَلزِّیَادَۃَ فِی رِزقِہِ قَبلَ طُلُوعِ الفَجرِ فَأُزِیدَہُ وَ أَوَسِّعَ عَلَیہِ أَلَاعَبد مُؤمن سَقِیم َیَسأَلّنِی أَن أَشفِیَہُ قَبلَ طُلُوعِ الفَجرِفَأُعَافِیَہُ أَلَاعَبد مُؤمن مَغمُوم مَحبُوس یَسأَلّنِی أَن أُطلِقَہُ مِن حَبسِہِ وَ أُفَرِّجَ عَنہُ قَبلَ طُلُوعِ الفَجرِفَأُطلِقَہُ وَ أُخَلِّیَ سَبِیلَہُ أَلَاعَبد مُؤمن مَظلُوم َیَسأَلّنِی أَن آخُذَ لَہُ بِظُلَامَتِہِ قَبلَ طُلُوعِ الفَجرِفَأَنتَصِرَ لَہُ وَ آخُذَ بِظُلَامَتِہِ قَالَ فَلَا یَزَالُ یُنَادِی حَتَّی یَطلُعَ الفَجرُ

इन्नल्लाहा तआला लयामोरो मलाकन फ़योनादी कुल्ला लैलते जुमुअतिन मिन फ़ौक़े अरशेहि मिन अव्वलिल्लैले एला आख़ेरेहि अला अब्दुन मोमेनुन यदऊनि लेआख़ेरतेहि वदुनयाहो क़ब्ला तुलुईल फज्रे फ़ओजीबहू अला अब्दुन मोमेनुन यतूबो अलय्या मिन ज़ोनूबेहि क़ब्ला तुलुईल फज्रे फ़अतूबो इलैह अला अब्दुन मोमेनुन क़द क़त्तरतो अलैहे रिज़क़हू फ़यसअलोनि अज़्ज़यादता फ़ी रिज़क़ेहि क़ब्ला तुलुईल फज्रे फ़ओज़ीदहू वओवस्सेआ अलैहे अला अब्दुन मोमेनुन सक़ीमुन यसअलोनि अन अशफ़ेयहू क़ब्ला तुलुईल फज्रे फ़ओआफ़ेयहू अला अब्दुन मोमेनुन मग़मूमुन महबूसुन यसअलोनि अल उतलेक़हू मिन हबासेहि व ओफ़र्रेजा अनहो क़ब्ला तुलुईल फज्रे फ़उतलेक़ाहू व ओख़ल्लेया सबीलाहू अला अब्दुन मोमेनुन मज़लूमुन यसअलोनि अन आख़ोज़ा लहु बेज़ोलामतेहि क़ब्ला तुलुईल फज्रे फ़अनतसेरा लहू वआख़ोज़ा बेज़ोलामतेहि क़ाला फ़ला यज़ालो योनादी हत्ता यतलोअलफ़ज्रे (बिहारुल अनवार, भाग 86, पेज 282, अध्याय 2, हदीस 27; मुसतदरकुल वसाएल, भाग 6, पेज 73, अध्याय 36, हदीस 6469)   

 

302
0
0% (نفر 0)
 
نظر شما در مورد این مطلب ؟
 
امتیاز شما به این مطلب ؟
اشتراک گذاری در شبکه های اجتماعی:
لینک کوتاه

latest article

38वें स्वतन्त्रता दिवस में ...
एतेकाफ़ की फज़ीलत और सवाब
बैतुल मुक़द्दस और क़ुद्स दिवस।
वा बेक़ुव्वतेकल्लती क़हरता बेहा ...
भारत सहित पूरी दुनिया में ईदे ...
पाप का नुक़सान
हारिस बिन नोमान का इंकार
जन्नत
ज़ुहूर का रास्ता हमवार होना और ...
हजरत अली (अ.स) का इन्साफ और उनके ...

 
user comment