Hindi
Monday 16th of July 2018
History of Islam
ارسال پرسش جدید

नास्तिकता और भौतिकता

नास्तिकता और भौतिकता
नास्तिकता और भौतिकता का इतिहास बहुत प्राचीन है और ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर यह सिद्ध होता है कि जिस प्रकार प्राचीन काल से ही ईश्वर पर विश्वाश रखने वाले लोग थे उसी प्रकार ...

सूर –ए- अनआम की तफसीर 2

सूर –ए- अनआम की तफसीर 2
पवित्र क़रआन के सूरए अनआम की 32वीं आयत में आया हैः संसार का जीवन खेल तमाशे के अतिरिक्त कुछ नहीं और परलोक, ईश्वर से डरने वालों के लिए सबसे अच्छा ठिकाना है। क्या तुम चिंतन नहीं ...

सूरए आराफ़ की तफसीर 2

सूरए आराफ़ की तफसीर 2
सूरए आराफ़ की आयत संख्या 31 और 32 में ईश्वर कहता है।  हे आदम की संतानो! हर मस्जिद के निकट (उपासना के समय) अपनी शोभा को धारण कर लो और खाओ पियो परंतु अपव्यय न करो कि ईश्वर अपव्यय ...

सुप्रीम कोर्ट ने दिया, बाबरी मस्जिद विवाद को आपसी सहमति से हल करने का सुझाव।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया, बाबरी मस्जिद विवाद को आपसी सहमति से हल करने का सुझाव।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उचित होगा कि दोनों पक्ष इस मामले को न्यायालय के बाहर ही सुलझा लें। प्राप्त रिपोर्ट ...

मस्जिदे अक़्सा में ज़ायोनी हमला, क्षेत्र में तनाव।

मस्जिदे अक़्सा में ज़ायोनी हमला, क्षेत्र में तनाव।
अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबनाः फ़िलिस्तीनी इंफ़ार्मेशन सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार दर्जनों उग्रवादी ज़ायोनियों ने सोमवार की सुबह ज़ायोनी संसद के पूर्व सदस्य मोशे फ़िगलन ...

वुज़ू के वक़्त की दुआऐ

वुज़ू के वक़्त की दुआऐ
वह दुआएं जिनका वुज़ू के वक़्त पढ़ना मुस्तहब है। 270 वुज़ू करने वाले इंसान की नज़र जब पानी पर पड़े तो यह दुआ पढ़े- बिस्मिल्लाहि व बिल्लाहि व अलहम्दु लिल्लाहि अल्लज़ी जअला अल ...

लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी

लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी
लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरीज़िंदगी शम्अ की सूरत हो ख़ुदाया मेरी!दूर दुनिया का मेरे दम से अँधेरा हो जाए!हर जगह मेरे चमकने से उजाला हो जाए!हो मेरे दम से यूँही मेरे वतन की ...

विलायत पर हदीसे ग़दीर की दलालत का इक़रार करने वाले हज़रात

विलायत पर हदीसे ग़दीर की दलालत का इक़रार करने वाले हज़रात
अहले सुन्नत के मुतअद्दिद उलामा ने काफ़ी हद तक इंसाफ़ से काम लिया है और हदीसे ग़दीर में इस हदीस को क़बूल किया है कि यह हदीस हज़रत अली (अ) की इमामत और सर परस्ती पर दलालत करती है, ...

संतान प्राप्ति हेतु क़ुरआनी दुआ

संतान प्राप्ति हेतु क़ुरआनी दुआ
दुआ # 1 – सुरः बक़रा (2/117) – आयात # 117.2.117: (वही) आसमान व ज़मीन का मोजिद है और जब किसी काम का करना ठान लेता है तो उसकी निसबत सिर्फ कह देता है कि ''हो जा'' पस वह (खुद ब खुद) हो जाता है.दुआ # 2 – ...

क़ुरबानी का फ़लसफ़ा और उसके प्रभाव

क़ुरबानी का फ़लसफ़ा और उसके प्रभाव
 सारी उम्मतों के लिये क़ुरबानी को जाएज़ करने का मक़सद यह था कि वह केवल अल्लाह तआला (जो एक है और उसका कोई सहयोगी नहीं है) के सामने सर झुकाएं और जो कुछ वह हुक्म दे उसी पर अमल ...

अरब के प्रसिद्ध अभिनेता द्वारा सुप्रीम लीडर की प्रशंसा पर हंगामा।

अरब के प्रसिद्ध अभिनेता द्वारा सुप्रीम लीडर की प्रशंसा पर हंगामा।
अरब जगत के एक प्रसिद्ध अभिनेता, ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता की प्रशंसा करने के कारण सऊदी अरब की मीडिया के निशाने पर हैं।सऊदी अरब के टीवी चैनल अल-अरबिया ने दूरैद ...

हुसैन ने इस्लाम का चिराग़ बुझने न दिया

हुसैन ने इस्लाम का चिराग़ बुझने न दिया
हज़रत इमाम हुसैन (अ) ने अपने रिश्तेदारों और साथियों के साथ इस्लाम को क़यामत तक के लिये अमर बना देने के लिए महान बलिदान दिया है। इस रास्ते में इमाम किसी क़ुरबानी से भी पीछे ...

आतंकवाद का इस्तेमाल इस्लाम को बदनाम करने का षणयंत्र।

आतंकवाद का इस्तेमाल इस्लाम को बदनाम करने का षणयंत्र।
इस्लामी गणतंत्र ईरान में जारी इस्लामी रेडियो और टेलीवीजन संघ की आठवीं बैठक के तीसरे और अंतिम दिन कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।इस्लामी रेडियो और टेलीवीजन संघ के ...

इस्लाम मक्के से कर्बला तक भाग 2

इस्लाम मक्के से कर्बला तक भाग 2
  लोगों का मानना है कि इसी समय हज़रत अबू तालिब ने भी इस्लाम कुबूल कर लिया था लेकिन मक्के के हालात देखते हुए उन्होंने इसकी घोषणा करना मुनासिब नहीं समझा. जब यह चाल भी नाकाम हो ...

इस्लाम मक्के से कर्बला तक भाग 1

 इस्लाम मक्के से कर्बला तक भाग 1
       मुसलमानों का मानना है कि हर युग और हर दौर मैं अल्लाह ने इस धरती पर अपने दूत(संदेशवाहक/पैग़म्बर), अपने सन्देश के साथ इस उद्देश्य के लिए भेजे हैं कि अल्लाह के यह दूत ...

अज़ादारी परंपरा नहीं आन्दोलन है 2

अज़ादारी परंपरा नहीं आन्दोलन है 2
  कर्बला की घटना इतिहास की सीमित घटनाओं में से एक है और इतिहास की दूसरी घटनाओं में इसका एक विशेष स्थान है। यद्यपि कर्बला की घटना सन् ६१ हिजरी क़मरी की है परंतु १४ शताब्दियां ...

अज़ादारी परंपरा नहीं आन्दोलन है 1

अज़ादारी परंपरा नहीं आन्दोलन है 1
  मोहर्रम का दुःखद महीना फिर आ गया। लोग मोहर्रम मनाने की तैयारी करने लगे हैं। मोहर्रम आने पर बहुत से लोग यह सोचने लगते हैं कि आखिर क्या वजह है कि १४ शताब्दियां बीत जाने के ...

हज़रत रोक़य्या बिन्तुल हुसैन ऐतेहासिक दस्तावेज़ों में

हज़रत रोक़य्या बिन्तुल हुसैन ऐतेहासिक दस्तावेज़ों में
  आज हज़रत रोक़य्या के बारे में जो प्रसिद्ध है और जो लिखा जाता है वह यह है कि आप इमाम हुसैन (अ) की बेटी थी। और कर्बला के मैदान में आप हुसैनी क़ाफ़िले के साथ थी और इसी क़ाफ़िले ...

क़ासिम इबने हसन (अ)

क़ासिम इबने हसन (अ)
  सैय्यद ताजदार हुसैन ज़ैदी   क़ासिम इमाम हसन बिन अली (अ) के बेटे थे और आप की माता का नाम “नरगिस” था मक़तल की पुस्तकों ने लिखा है कि आप एक सुंदर और ख़ूबसरत चेहरे वाले नौजवान थे ...

पंद्रह मोहर्रम हुसैनी क़ाफ़िले के साथ

पंद्रह मोहर्रम हुसैनी क़ाफ़िले के साथ
  अहले हरम की शाम की तरफ़ रवानगी इतिहास की किताबों में आया है कि "इबने ज़ियाद" ने एक (या कई) दिनों तक कर्बला के शहीदों के सरों को कूफ़ा शहर की गलियों कूचों और महल्लों में ...