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Tuesday 19th of February 2019
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इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च धार्मिक नेता से विभिन्न देशों के राष्ट्रपतियों की मुलाकात

इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च धार्मिक नेता से विभिन्न देशों के राष्ट्रपतियों की मुलाकात
आतंकवाद के विरूद्ध वैश्विक संघर्ष के अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आरंभ कल तेहरान में इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के संदेश से हुआ। यह सम्मेलन आतंकवाद से संघर्ष के बारे ...

लेबनान में नयी सरकार के गठन का स्वागत

लेबनान में नयी सरकार के गठन का स्वागत
ईरान ने लेबनान में नजीब मीक़ाती के नेतृत्व में नयी सरकार के गठन का स्वागत किया है और उसे लेबनान की राष्ट्रीय एकजुटता की दिशा में एक सकारात्मक क़दम बताया है। लेबनान के ...

नक़ली खलीफा 2

नक़ली खलीफा 2
हमने बताया था कि एक रात हारून रशीद ने अपने वज़ीर जाफ़र बरमक्की और मसरूर के साथ भेस बदलकर शहर में निकलने का इरादा किया ताकि लोगों के हालात से अवगत हो सके। जब वे दजला नदी पर ...

नक़ली खलीफा 4

नक़ली खलीफा 4
पुराने समय की बात है, एक रात हारून रशीद ने अपने मंत्री जाफ़र बरमकी और प्रसिद्ध तलवार चलाने वाले मसरूर के साथ वेष बदल कर शहर जाने का फ़ैसला किया ताकि लोगों की स्थिति को निकट ...

नकली खलीफा 5

नकली खलीफा 5
हमने कहा था कि एक रात को हारून रशीद ने अपने वज़ीर जाफ़र बरमकी के साथ भेस बदलकर शहर घुमने का फैसला किया। उनके साथ तलवार चलाने में दक्ष मसरूर नामक व्यक्ति भी था। हारून रशीद इस ...

मौत की आग़ोश में जब थक के सो जाती है माँ

मौत की आग़ोश में जब थक के सो जाती है माँ
मौत की आग़ोश में जब थक के सो जाती है माँ तब कहीं जाकर ‘रज़ा‘ थोड़ा सुकूं पाती है माँ   फ़िक्र में बच्चे की कुछ इस तरह घुल जाती है माँ नौजवाँ होते हुए बूढ़ी नज़र आती है माँ   रूह के ...

सहीफ़ए सज्जादिया का परिचय

सहीफ़ए सज्जादिया का परिचय
सहीफ़ए सज्जादिया जिसे, उख़्तुल क़ुरआन यानी क़ुरआने मजीद की बहन कहा जाता है इमाम ज़ैनुल आबेदीन अ. की वह दुआएं हैं जो आपने अपनी पूरी ज़िन्दगी ख़ास तौर से कर्बला के बाद पैंतीस ...

आयतल कुर्सी का तर्जमा

आयतल कुर्सी का तर्जमा
2.255: ख़ुदा ही वो ज़ाते पाक है कि उसके सिवा कोई माबूद नहीं (वह) ज़िन्दा है (और) सारे जहान का संभालने वाला है उसको न ऊँघ आती है न नींद जो कुछ आसमानो में है और जो कुछ ज़मीन में है (गरज़ सब ...

दुआए कुमैल

दुआए कुमैल
दुआए कुमैल कुमैल इब्ने ज़ियाद नाखे, अमीरुल मुमेनीन इमाम अली (अस) इब्ने अबी तालिब के एक विश्वासपात्र सहाबियों में से थे! यह दुआ पहली बार उन्हों ने हजरत अली (अस) से उनकी खूबसूरत ...

दुआ-ऐ-मशलूल

दुआ-ऐ-मशलूल
सैय्यद इब्ने तावूस ने अपनी किताब मह्जूले-दावत में हज़रत इमाम हुसैन (अ:स) से रिवायत की है के आप फरमाते हैं की एक शब् मै अपने पदरे बुज़ुर्गवार आली मश्दार हज़रत अली इब्ने अबी ...

दुआए अहद

दुआए अहद
इमाम जाफर अल-सादिक़ (अ:स) से नकल हुआ है की जो शख्स चालीस रोज़ तक हर सुबह इस दुआए अहद तो पढ़े तो वोह इमाम (अ:त:फ) के मददगारों में से होगा और अगर वो इमाम (अ:स) के ज़हूर के पहले मर जाता है ...

दिक़्क़त

दिक़्क़त
ا वाय हो मुझ पर, काश फ़लाँ शख़्स को मैंने अपना दोस्त न बनाया होता। (सूरा ए फ़ुरक़ान आयत न. 28 ) इंसान की कुछ परेशानियाँ, उसके अपने इख़्तियार से बाहर होती हैं जैसे सैलाब व तूफ़ान ...

नज़्म व ज़ब्त

नज़्म व ज़ब्त
  हज़रत अली (अ.) नो फ़रमायाः मैं तुम्हे तक़वे और नज़्म की वसीयत करता हूँ। हम जिस जहान में ज़िन्दगी बसर करते हैं यह नज़्म और क़ानून पर मोक़ूफ़ है। इसमें हर तरफ़ नज़्म व निज़ाम ...

नेक बातों की पैरवी करते हैं।

नेक बातों की पैरवी करते हैं।
नेक बातों की पैरवी करते हैं। “फ़बश्शिर इबादि * अल्लज़ीना यसतमिऊना अलक़ौलाफ़ यत्तबिऊना अहसनहु[68]” यानी मेरे बन्दों को ख़ुशख़बरी दो,उन बन्दो को जो बातों को सुन कर उन में नेक ...

ग़लतियों का इज़ाला

ग़लतियों का इज़ाला
इस के बाद इस बात की मंज़िल है कि हम यह जानें कि मासूम के अलावा तमाम इंसान ख़ाती हैं और उनसे बहुत सी ग़लतियाँ सर ज़द होती हैं। इस मंज़िल पर अहम बात यह है कि इंसान अपनी ग़लतियों ...

हिजाबे आज़म

हिजाबे आज़म
इंसान का वह मुहिम तरीन हिजाब क्या है जो लिक़ाउल्लाह की राह में माने है ?   यह बात यक़ीन के साथ कही जा सकती है कि ख़ुद ख़वाही (फ़क़त अपने आप को चाहना), ख़ुद बरतर बीनी(अपने आप को ...

इस्लाम में नज़्म व निज़ाम की अहमियत

इस्लाम में नज़्म व निज़ाम की अहमियत
इस्लाम नज़्म व इन्ज़ेबात का दीन है। क्योंकि इस्लाम की बुनियाद इंसान की फ़ितरत पर है और इंसान का वुजूद नज़्म व इन्ज़ेबात से ममलू है इस लिए ज़रूरी है कि इंसान के लिए जो दीन व ...

एक हतोत्साहित व्यक्ति

एक हतोत्साहित व्यक्ति
कभी कभी हमारे जीवन में ऐसी घटनाएं घटती हैं कि जो जाने अन्जाने हमारी भावनाओं को उक्साने का कारण बनती हैं। इनमें से एक, कि जिसका सहन करना अत्यन्त कठिन होता है, हतोत्साह नामक ...

भोर में उठने से आत्मा को आनन्द एवं शान्ति प्राप्त होती है

भोर में उठने से आत्मा को आनन्द एवं शान्ति प्राप्त होती है
माहे रमज़ान के पवित्र महीने में कुछ विशेष क्षण होते हैं। इन विशेष क्षणों में सबसे सुंदर क्षण सहर अर्थात भोर के समय के होते हैं। बड़े खेद के साथ कहना पड़ता है कि वर्तमान जीवन ...

सूर –ए- तौबा की तफसीर

सूर –ए- तौबा की तफसीर
पवित्र क़ुरआन के व्याख्याकारों के अनुसार सूरए तौबा का आरंभ बिस्मिल्लाह से न होकर वचन तोड़ने वाले शत्रुओं से विरक्तता से होना, इस गुट के प्रति ईश्वर के प्रकोप और क्रोध को ...