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Wednesday 24th of January 2018
Articles

हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा

हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा
हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा का जीवन तथा उनका व्यक्तित्व विभिन्न आयामों से समीक्षा योग्य है। पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम, हज़रत अली अलैहिस्सलाम ...

हज़रत ज़ैनब अलैहस्सलाम

हज़रत ज़ैनब अलैहस्सलाम
महापुरूषों के जीवन की समीक्षा करना और उनको आदर्श बनाने जैसी बातें आत्मशुद्धि और उचित प्रशिक्षण के महत्वपूर्ण कारक हैं।इतिहास में ऐसे सदाचारी पुरूषों और महिलाओं के ...

मैराजे पैग़म्बर

मैराजे पैग़म्बर
किताबे मुन्तहल आमाल मे बयान किया गया है कि आयाते क़ुराने करीम और अहादीसे मुतावातिरा से साबित होता है कि परवरदिगारे आलम ने रसुले अकरम स.अ.व.व. को मक्का ए मोअज़्ज़मा से ...

इमाम अली अ.स. एकता के महान प्रतीक

इमाम अली अ.स. एकता के महान प्रतीक
इमाम अली अ.स. ने यह जानते हुए कि पैग़म्बर स.अ. की वफ़ात के बाद ख़िलाफ़त, इमामत और रहबरी मेरा हक़ है और मुझ से मेरे इस हक़ के छीनने वाले ज़ुल्म कर रहे हैं (शरहे नहजुल-बलाग़ा, इब्ने ...

अब्बासी हुकूमत का, इमाम हसन असकरी अ.स. से डरने का कारण

अब्बासी हुकूमत का, इमाम हसन असकरी अ.स. से डरने का कारण
यह बात हम सभी जानते हैं कि बनी अब्बास ने अहलेबैत अ.स. के नाम पर बनी उमय्या का तख़्ता पलटते हुए यही कहा था कि हुकूमत और ख़िलाफ़त पैग़म्बर स.अ. के अहलेबैत अ.स. का हक़ है, लेकिन बनी ...

तरकीबे नमाज़

तरकीबे नमाज़
अक़ामत के बाद सीधा खड़ा हो क़िब्ला की तरफ़ मुंह करके और इस तरह नियत करें नमाज़ पढ़ता हूँ मैं (जैसे) सुबह की दो रकअत वाजिब क़ुर्बतन इलल्लाह इसके साथ ही तकबीर कहें यानी ...

मैराजे पैग़म्बर

मैराजे पैग़म्बर
किताबे मुन्तहल आमाल मे बयान किया गया है कि आयाते क़ुराने करीम और अहादीसे मुतावातिरा से साबित होता है कि परवरदिगारे आलम ने रसुले अकरम स.अ.व.व. को मक्का ए मोअज़्ज़मा से ...

तरकीबे नमाज़

तरकीबे नमाज़
अक़ामत के बाद सीधा खड़ा हो क़िब्ला की तरफ़ मुंह करके और इस तरह नियत करें नमाज़ पढ़ता हूँ मैं (जैसे) सुबह की दो रकअत वाजिब क़ुर्बतन इलल्लाह इसके साथ ही तकबीर कहें यानी ...

इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की अहादीस

इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की अहादीस
अपने प्रियः अध्ययन कर्ताओं के लिए हज़रत इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम के कुछ मार्ग दर्शक कथन प्रस्तुत किये जारहे हैं।1- अल्लाहहज़रत इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम ने कहा कि ...

हज़रत इमाम हसन असकरी (अ.स.) के इरशाद

हज़रत इमाम हसन असकरी (अ.स.) के इरशाद
१. मुसलमान वह शख़्स है जिसकी ज़बान और जिसके हाथों से मुसलमान महफ़ूज़ (सुरक्षित) रहें।२. हर रंज व ग़म और ख़ुशी व मसर्रत की इन्तेहा (हद) है सिवाय जहन्नमियों के रंज व ग़म की जिसकी ...

इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की जीवनशैली

इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की जीवनशैली
पैग़म्बरे इस्लाम और उनके परिजन सत्य व मार्गदर्शन के नमूने हैं यही कारण हैं कि पैग़म्बरे इस्लाम ने कहा था कि मैं तुम्हारे बीच दो मूल्यवान यादगारें छोड़े जा रहा हूं एक है ...

शरमिन्दगी की रिवायत

शरमिन्दगी की रिवायत
खलीफाऐ अव्वल अबुबकर बिन अबुक़हाफा एक रिवायत की बिना पर अपनी उम्र के आखरी लमहो मे तीन कामो के करने, तीन कामो के न करने, और पैग़म्बर से तीन सवालो के न पूछने से शरमिंदगी का ...

शबे क़द्र का महत्व और उसकी बरकतें।

शबे क़द्र का महत्व और उसकी बरकतें।
अबनाः इमाम मोहम्मद बाक़िर फ़रमाते हैंः शबे क़द्र वह रात है जो हर साल रमज़ानु मुबारक की आख़री तारीखों में आती है जिसमें न केवल क़ुरआन नाज़िल हुआ है बल्कि अल्लाह तआला ने इस ...

बैतुलमुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी बनाना अस्वीकार्य।

बैतुलमुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी बनाना अस्वीकार्य।
हलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना: मिस्र की राजधानी क़ाहेरा में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अधिकृत बैतुलमुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी घोषित किए जाने के विरुद्ध ...

रसूले ख़ुदा(स)की अहादीस

रसूले ख़ुदा(स)की अहादीस
जो व्यक्ति शिक्षा प्राप्ति हेतु एक घंटे के अपमान को सहन नहीं करेगा वह सदैव अज्ञानता के अपमान में ग्रस्त रहेगा।हमारा चाहने वाला वो हैं जो हमारा अनुसरण करे हमारे पदविन्हों ...

मैराजे पैग़म्बर

मैराजे पैग़म्बर
किताबे मुन्तहल आमाल मे बयान किया गया है कि आयाते क़ुराने करीम और अहादीसे मुतावातिरा से साबित होता है कि परवरदिगारे आलम ने रसुले अकरम स.अ.व.व. को मक्का ए मोअज़्ज़मा से ...

हज़रत इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.) और ज्ञान प्रसार

हज़रत इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.) और ज्ञान प्रसार
17 रबियुल अव्वल सन् 83 हिजरी की पूर्व संध्या थी। अरब की तपती हुई रेत ठंडीs हो चुकी थी। हवा के हल्के हल्के झोंके पुष्प वाटिकाओं से खुशबूओं को उड़ा कर वातावरण को सुगन्धित कर रहे ...

ईदे ज़हरा ???

ईदे ज़हरा ???
हमारे समाज में बहुत सी ईदें आती हैं जैसे ईद उल फि़त्र, ईदे क़ुरबान, ईदे मुबाहिला और ईदे ज़हरा वग़ैरह, यह सारी ईदें किसी वाकेए की तरफ़ इशारा करती हैं।ईद उल फि़त्रः पहली ...

जनाबे उम्मुल बनीन स.अ

जनाबे उम्मुल बनीन स.अ
जनाबे उम्मुल बनीन हज़रत अब्बास अ.स की माँ थीं कि जो कूफ़ा या उसके आस पास के इलाक़े मे पैदा हुईं।  असली नाम आप का असली नाम फ़ातिमा-ए-कलाबिया था।  माता पिता जनाबे उम्मुल ...

ज़ुहूर कब

ज़ुहूर कब
जिस वक़्त ज़ुहूर की बातें होती हैं तो इंसान के दिल में एक बहुत सुन्दर एहसास पैदा होता है जैसे वह नहर के किनारे किसी हरे भरे बाग में बैठा हुआ है और मधुर स्वर बुलबुलों की आवाज़ ...