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Saturday 21st of July 2018
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एक से ज़्यादा शादियाँ

एक से ज़्यादा शादियाँ
मौजूदा ज़माने का सबसे गर्म विषय एक से ज़्यादा शादियाँ करने का मसला है। जिसे बुनियाद बना कर पच्छिमी दुनिया ने औरतों को इस्लाम के ख़िलाफ़ ख़ूब इस्तेमाल किया है और मुसलमान ...

क़ुरआन से क़ुरआन की तफ़सीर का नमूना

क़ुरआन से क़ुरआन की तफ़सीर का नमूना
खुदावंदे आलम अपनी किताब में कई जगह फ़रमाता है कि हर चीज़ का पैदा करने वाला ख़ुदा है। (सूर ए ज़ुमर आयत 65) जिस चीजॉ को शय या चीज़ कहा जाता है वह ख़ुदा के अलावा है। यही मज़मून ...

अहले बैत (अ) क़ुरआन की नज़र में

अहले बैत (अ) क़ुरआन की नज़र में
इस्लामी रिवायतों की बिना पर क़ुरआने मजीद की बे शुमार आयतें अहले बैत अलैहिम अस्सलाम के फ़ज़ाइल व मनाक़िब के गिर्द घूम रही हैं और इन्हीं मासूम हस्तियों के किरदार के ...

तफ़्सीर बिर्राय के ख़तरात

तफ़्सीर बिर्राय के ख़तरात
हमारा अक़ीदह है कि क़ुरआने करीम के लिए सब से ख़तरनाक काम अपनी राय के मुताबिक़ तफ़्सीर करना है।इस्लामी रिवायात में जहाँ इस काम को गुनाहे कबीरा से ताबीर किया गया है वहीँ यह ...

इमाम जाफरे सादिक़ अलैहिस्सलाम

इमाम जाफरे सादिक़ अलैहिस्सलाम
विलादतआप 17 रबीउल अव्वल 83 हि. को पीर के दिन मदीनाऐ मुनव्वरा मे पैदा।(इरशादे मुफीद पेज न. 413, आलामुल वुरा पेज न. 159)अल्लामा मजलिसी लिखते है कि जब आप बत्ने मादर मे थे तो कलाम फरमाया ...

इमामे सादिक़ (अ.स) की शहादत

इमामे सादिक़ (अ.स) की शहादत
तारीख़ों से पता चलता है कि मंसूर ने इमाम जाफ़रे सादिक़ (अ0) को मुतअदिद बार ज़हर के ज़रिये शहीद कराने की कोशीश की मगर चूकि मशीयते ईज़दी की तरफ़ से अय्यामे हयात बाक़ी थे इसलिये ...

इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम और हिन्दुस्तानी हकीम

इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम और हिन्दुस्तानी हकीम
एक बार इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम मंसूर दवांक़ी के दरबार मे गऐ। वहा एक हिन्दुस्तानी हकीम बाते कर रहा था और इमाम बैठ कर उसकी बाते सुनने लगे आखिर मे उस हिन्दुस्तानी हकीम ने ...

इमाम सादिक़ का अख़लाक़

इमाम सादिक़ का अख़लाक़
अल्लामा इब्ने शहर आशोब लिखते हैं कि एक दिन हज़रत इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने अपने एक नौकर को किसी काम से बाज़ार भेजा। जब उस की वापसी में बहुत देर विलंब हुआ तो आप उस की तलाश में ...

हज़रत इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.) और ज्ञान प्रसार

हज़रत इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.) और ज्ञान प्रसार
17 रबियुल अव्वल सन् 83 हिजरी की पूर्व संध्या थी। अरब की तपती हुई रेत ठंडीs हो चुकी थी। हवा के हल्के हल्के झोंके पुष्प वाटिकाओं से खुशबूओं को उड़ा कर वातावरण को सुगन्धित कर रहे ...

हज़रत इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय

हज़रत इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय
नाम व लक़ब (उपाधि)हज़रत इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम का नाम जाफ़र व आपका मुख्य लक़ब सादिक़ है। माता पिताहज़रत इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम के पिता हज़रत इमाम हज़रत इमाम बाक़िर ...

उलूमे क़ुरआन की परिभाषा

उलूमे क़ुरआन की परिभाषा
वह सब उलूम जो क़ुरआन को समझने के लिए प्रस्तावना के रूप में प्रयोग किये जाते हैं उनको उलूमे क़ुरआन कहा जाता है। दूसरे शब्दों में उलूमे क़ुरआन उलूम का एक ऐसा समूह है जिसका ...

क़ुरआन नहजुल बलाग़ा के आईने में-1

क़ुरआन नहजुल बलाग़ा के आईने में-1
(यह मक़ाला हज़रत आयतुल्लाह मिस्बाह यज़दी और "क़ुरआन और आईन ए नहजुल बलाग़ा ”से एक इन्तेख़ाब है)(1) क़ुरआने करीम की अहमियत व मौक़ेईयत:इस वक्त क़ुरआन करीम ही एक आसमानी किताब है ...

उलूमे क़ुरआन का संकलन

उलूमे क़ुरआन का संकलन
उलूमे क़ुरआन को एकत्रित करने का कार्य दूसरी शताब्दी हिजरी मे ही आरम्भ हो गया था। सबसे पहले हज़रत अली अलैहिस्सलाम के शिष्य अबुल असवद दौइली ने क़ुरआन पर ऐराब(मात्राऐं) ...

क़ुरआने मजीद और माली इसलाहात

क़ुरआने मजीद और माली इसलाहात
इक़्तेसादी दुनिया में मालीयात की तन्ज़ीम के दो मरहले होते हैं। एक मरहला पैदावार का होता है और दूसरा सरवत की तक़सीम का और आम तौर से इक़्तेसादी निज़ाम तक़सीम के बारे में बहस ...

धर्म और भाग्य

धर्म और भाग्य
मनुष्य का भाग्य या क़िस्मत उन विषयों में से है जिनका सही चित्र बहुत कम लोगों के मन में होगा। भाग्य के बारे में बहुत से प्रश्न उठते हैं। सब से पहले तो यह कि भाग्य है क्या? ...

अहले हदीस

अहले हदीस
अहले हदीस का तरीक़ा अस्ल में एक फ़िक्ही और इज्तिहादी तरीक़ा था। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो अहले सुन्नत के फक़ीह अपने तौर तरीक़े की वजह से दो गुरूप में बटे हैं। एक गुरुप वह ...

बोहरे

बोहरे
दाऊदी बोहरो की आबादी के बारे में सही जानकारी नही है लेकिन फिर भी हिन्दुस्तान में लगभग दो लाख दस हज़ार बोहरे रहते हैं प्राप्त सूचना के अनुसार पूरे विश्व में बोहरो की पांच ...

इस्लाम सब से अच्छा धर्म है

इस्लाम सब से अच्छा धर्म है
क़ुरआने करीम इस्लाम के अलावा किसी अन्य धर्म को इस अर्थ मे मान्यता नही देता। जैसे कि क़ुरआने करीम के सूरए आलि इमरान की आयत न. 19 में वर्णन हुआ कि “इन्ना अद्दीना इन्दा अल्लाहि ...

वहाबियत की सच्चाई

वहाबियत की सच्चाई
मायदा-32कुरआन कहता है कि अगर कोई किसी को जुर्म किये बिना क़त्ल कर दे तो ऐसा ही है से इसने सभी को क़त्ल कर दिया हो और अगर कोई ज़िन्दा करदे तो ऐसा ही है जैसे उसने सभी को ज़िन्दा कर ...

वहाबियों और सुन्नियों में फ़र्क़।

वहाबियों और सुन्नियों में फ़र्क़।
बहुत सारे जवानों के दिमाग़ में यह सवाल बार बार आता है और अधिकतर हमारे सामने यह सवाल आता भी है कि सुन्नियों और वहाबियों के बीच क्या फ़र्क़ है, क्या सच में वहाबियत नाम का कोई ...