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Friday 14th of December 2018
Masoumeen
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अल्लाह के इंसाफ़ का डर

अल्लाह के इंसाफ़ का डर
अल्लाह की कोई भी सिफ़त डराने वाली नही है, न उसकी रहमानीयत में डर है न ही रऊफ़ियत व रज़्ज़क़ियत व ग़फ़्फ़ारियत में, दुआ ए जोशने कबीर में अल्लाह के हज़ार नाम और सिफ़ात बयान हुए ...

दोस्त और दोस्ती की अहमियत

दोस्त और दोस्ती की अहमियत
जहाने बूद व बाश में क़दम रखने से लेकर दारे फ़ानी को विदा कहने तक इंसानी शख़्सियत की तामीर व तशकील, अख़लाक़ी व रूहानी तरबियत, ज़हनी शऊर और फ़िक्री इर्तिक़ा अतराफ़ में मौजूद ...

क़यामत के लिये ज़खीरा

क़यामत के लिये ज़खीरा
क़यामत के लिये ज़खीरा आज जबकि हमारे पास फ़ुरसत है हमें क़यामत के लिये ज़खीरे की फ़िक्र में होना चाहिये। अमीरुल मोमिनीन (अलैहिस्सलाम) फ़रमाते हैं कि अगर वह चीज़ें जो ...

पैग़म्बरे इस्लाम (स) और इमाम सादिक़ (अ) के जन्म दिवस

पैग़म्बरे इस्लाम (स) और इमाम सादिक़ (अ) के जन्म दिवस
वर्षों का समय बीत रहा था जब संसार सूखी ज़मीन की भांति महान ईश्वर की असीम कृपा की वर्षा की प्रतीक्षा में था। ज़मीन ऊंच नीच, भेदभाव, जात- पात और अंध विश्वासों के दलदल में ...

ज़ियारते अरबईन

ज़ियारते अरबईन
सलाम हो हुसैन पर, सलाम हो कर्बला के असीरों पर, सलाम हो कटे हुए सरों पर, सलाम हो प्यासे बच्चों पर, सलाम हो टूटे हुए कूज़ों पर, सलाम हो उन थके हुए क़दमों पर जो चेहलुम पर हुसैन की ...

हज़रत इमाम हसन असकरी (अ.स.) के इरशाद

हज़रत इमाम हसन असकरी (अ.स.) के इरशाद
१. मुसलमान वह शख़्स है जिसकी ज़बान और जिसके हाथों से मुसलमान महफ़ूज़ (सुरक्षित) रहें। २. हर रंज व ग़म और ख़ुशी व मसर्रत की इन्तेहा (हद) है सिवाय जहन्नमियों के रंज व ग़म की ...

इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की जीवनशैली

इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की जीवनशैली
पैग़म्बरे इस्लाम और उनके परिजन सत्य व मार्गदर्शन के नमूने हैं यही कारण हैं कि पैग़म्बरे इस्लाम ने कहा था कि मैं तुम्हारे बीच दो मूल्यवान यादगारें छोड़े जा रहा हूं एक है ...

हज़रत इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की शहादत

हज़रत इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की शहादत
8 रबीउल अव्वल को हज़रत इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम का शहादत दिवस है। उन्होंने अपनी 28 साल की ज़िन्दगी में दुश्मनों की ओर से बहुत से दुख उठाए और तत्कालीन अब्बासी शासक ‘मोतमद’ ...

इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम का जन्मदिवस

इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम का जन्मदिवस
आज इमाम अली इब्ने मूसर्रज़ा अलैहिस्सलाम का शुभ जन्म दिवस है। वह इमाम जो प्रकाशमई सूर्य की भांति अपना प्रकाश बिखेरता है। पैग़म्बरे इस्लाम सल्लाहो अलैहे वआलेही वसल्लम का ...

हज़रत इमाम हसन अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय

हज़रत इमाम हसन अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय
नाम व अलक़ाब (उपाधियाँ) :    अल-मुज्तबा, अबू मोहम्मद (1) माता पिता :    हज़रत इमाम हसन अलैहिस्सलाम के पिता हज़रत इमाम अली अलैहिस्सलाम तथा आपकी माता हज़रत फ़ातिमा ज़हरा थीं। आप ...

इमाम हसन (अ) के दान देने और क्षमा करने की कहानी।

इमाम हसन (अ) के दान देने और क्षमा करने की कहानी।
एक दिन इमाम हसन (अ) घोड़े पर सवार कहीं जा रहे थे कि शाम अर्थात मौजूदा सीरिया का रहने वाला एक इंसान रास्ते में मिला। उस आदमी ने इमाम हसन को बुरा भला कहा और गाली देना शुरू कर ...

ज़ियारते अरबईन की अहमियत

ज़ियारते अरबईन की अहमियत
इमाम हसन असकरी (अ) ने फ़रमायाः पाँच चीज़ें मोमिन और शियों की निशानी हैं 1. 51 रकअत नमाज़ (रोज़ाना की नमाज़ें, नाफ़ेला और नमाज़े शब) 2. ज़ियारते अरबईन इमाम हुसैन (चेहलुम के दिन की ...

चेहलुम, इमाम हुसैन अहलैबैत की नज़र में

चेहलुम, इमाम हुसैन अहलैबैत की नज़र में
पैग़म्बरे इस्लाम (स) और इमाम हुसैन (अ) पैग़म्बरे इस्लाम (स) ने अपने दोनों नवासों हसन (अ) और हुसैन (अ) के बारे में यह प्रसिद्ध वाक्य फ़रमायाः _اَلْحَسَنُ وَ الْحُسَیْنُ سَیِّدا شَبابِ أَهْلِ ...

20 सफ़र करबला के शहीदो का चेहलुम

20 सफ़र करबला के शहीदो का चेहलुम
२० सफर सन् ६१ हिजरी कमरी, वह दिन है जिस दिन हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके वफादार साथियों को कर्बला में शहीद हुए चालिस दिन हुआ था। पूरी सृष्टि चालिस दिन से हज़रत इमाम ...

घर वालों की अहम ज़िम्मेदारी

घर वालों की अहम ज़िम्मेदारी
वालेदैन को कोशिश करनी चाहिये कि शुरु से ही अपने बच्चों को अमली तौर पर मुश्किलों से आशना करायें, अलबत्ता इस बात का ख़्याल रखें कि यह काम तदरीजन व धीरे धीरे होना चाहिये। माँ ...

एक हतोत्साहित व्यक्ति

एक हतोत्साहित व्यक्ति
कभी कभी हमारे जीवन में ऐसी घटनाएं घटती हैं कि जो जाने अन्जाने हमारी भावनाओं को उक्साने का कारण बनती हैं। इनमें से एक, कि जिसका सहन करना अत्यन्त कठिन होता है, हतोत्साह नामक ...

हक़ और बातिल के बीच की दूरी ??

हक़ और बातिल के बीच की दूरी ??
 इमाम हसन (अ) ने शाम के एक व्यक्ति के जवाब में विस्तिरित हदीस में फ़रमायाः . शामी ने कहाः . हक़ (सत्य) और बातिल (असत्य) में कितनी दूरी है? . और ज़मीन एवं आसमान के बीच कितनी दूरी ...

इमाम हसन(अ)की संधि की शर्तें

इमाम हसन(अ)की संधि की शर्तें
1- माविया को इस शर्त पर सत्ता हस्तान्त्रित की जाती है कि वह अल्लाह की किताब (कुरऑन ) पैगम्बर व उनके नेक उत्तराधिकारियों की शैली के अनुसार कार्य करेगा। 2- माविया के बाद सत्ता ...

इस्लाम में पड़ोसी अधिकार

इस्लाम में पड़ोसी अधिकार
इस्लाम में पड़ोसी के साथ अच्छे व्यवहार पर बड़ा बल दिया गया हैं। परन्तु इसका उददेश्य यह नही हैं कि पड़ोसी की सहायता करने से पड़ोसी भी समय पर काम आए, अपितु इसे एक मानवीय ...

आशूरा का पैग़ाम, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की ज़बानी

आशूरा का पैग़ाम, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की ज़बानी
इमाम हुसैन अ.स. का करबला में आ कर ज़ुल्म के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने का कारण इस्लामी समाज में पैदा की गई वह गुमराहियां और बिदअतें थीं जिसकी बुनियाद सक़ीफ़ा में रखी गई थी, जिसके ...