Hindi
Monday 20th of November 2017
Masoumeen

सफ़र के महीने की बीस तारीख़

अरबईन के बारे में जो हमारी धार्मिक स्रोतों में आया है वह हज़रत सैय्यदुश शोहदा अलैहिस्सलाम की शहादत का चेहलुम है, जो इस्लामी कैलेन्डर के दूसरे महीने यानी सफ़र की बीसवीं ...

आशूरा के बरकात व समरात

इस्लाम की फ़तह हुई और मिटने से महफ़ूज़ रहा क्योकि मंसबे इलाही पर ख़ुद ग़ासिब ख़ुद साख़्ता अमीरुल मोमिनीन यज़ीद ने अपने शैतानी करतूतों से इस्लाम के नाम पर इस्लाम को इतना ...

सबसे पहला ज़ाएर

कर्बला में दस मुहर्रम को आशूरा की घटना के बाद सबसे पहले जब इंसान ने इमाम हुसैन (अ.) की क़ब्र की ज़ियारत की वह रसूले ख़ुदा के सहाबी (साथी) जाबिर इब्ने अब्दुल्लाह अन्सारी थे।वह ...

शहादत हज़रत मोहम्मद बाकिर (अ)

शहादत पा गए ज़हरे दग़ा से पाँचवे रहबरइमाम इन्सो जिन हज़रत मोहम्मद बाकिरे अतहर हुशाम इब्ने मालिक जब आपसे कुछ बहस करता थाशिकस्त उसको बराबर देता था वह इब्ने पैग़म्बर कुदूरत ...

शहादते इमामे मूसा काज़िम

इमामे हफतुमी मूसीए काज़िम दिलबरे ज़हरावसीए सादिके आले नबी को ज़हर से मारामुकय्यद सत्तरह साल आप ज़िन्दा में रहे पैहममगर शिकवा बजुज़ जिक्रे खुदा लब तक नहीं आयानमाज़े पढ़ता था ...

पाक मन

इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैः अगर आदमी का मन पाक हो जाए तो उसका व्यवहार मज़बूत हो जाता है।

सबसे अच्छा भाई

इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैंः तुमहारा सबसे अच्छा भाई वह है जो तुम्हारी ग़ल्तियों को भुला दे और तुम्हारे उपकार को हमेशा याद रखे।

जनाबे उम्मे कुलसूम बिन्ते इमाम अली (अ.स)

बेशक रसूले अकरम (स.अ.व.व) तथा आपका कुटुम्ब ही सर्वगुण सम्पन्न एवं अनुसरण योग्य है तथा जनाबे उम्मे कुलसूम भी उसी कुटुम्ब की एक महान हस्ती हैं।  जन्मतिथि हज़रते फातेमा ...

हज़रत अली अकबर अलैहिस्सलाम

नाम आपका नामे नामी अली इब्ने हुसैन था।  उपनाम आपका लक़ब अकबर था।  माता पिता हज़रत अली अकबर अलैहिस्सलाम के पिता हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम व आपकी माता हज़रते ...

हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) के फ़ज़ायल

हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) और मवद्दतहज़रत फ़ातेमा ज़हरा(स) उन हज़रात में से हैं जिनकी मवद्दत और मुहब्बत तमाम मुसलमानों पर वाजिब की गई है जैसा कि ख़ुदा वंदे आलम ने फ़रमाया:आयत ...

इमाम बाक़िर अ.स. अहले सुन्नत की निगाह में

इब्ने हजर हैसमी जो अहले सुन्नत के कट्टरपंथी उल्मा में से हैं वह इमाम बाक़िर अ. के बारे में लिखते हैं कि, अबू जाफ़र मोहम्मद बाक़िर अ. का उपनाम (उपाधि) बाक़िर है जिसका मतलब ...

इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के ज़माने के राजनीतिक हालात का वर्णन

इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम की इमामत वाला जीवन बीस साल का था जिसको हम तीन भागों में बांट सकते हैं।1. पहले दस साल हारून के ज़माने में2. दूसरे पाँच साल अमीन की ख़िलाफ़त के ज़माने में3. ...

शहादते इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम

जिस दिन इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम शहीद होने वाले थे उस दिन उन्होंने सुबह की नमाज़ नए वस्त्र पहन कर पढ़ी और उसी स्थान पर बैठे रहे मानो उन्हे किसी अप्रिय घटना के होने का आभास हो ...

इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम की शहादत

इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम की बहुत उपाधियां हैं जिनमें सबसे प्रसिद्ध रज़ा है जिसका अर्थ है राज़ी व प्रसन्न रहने वाला। इस उपाधि का बहुत बड़ा कारण यह है कि इमाम महान ईश्वर की ...

इमामे रज़ा अलैहिस्सलाम

हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का जीवन परिचयहज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम का नाम अली व आपकी मुख्य उपाधि रिज़ा है।माता पिताहज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम के पिता हज़रत इमाम ...

सूरए आले इमरान की तफसीर

पवित्र क़ुरआन के सूरए आले इमरान में आया है कि अलिफ़ लाम मीम, अल्लाह जिसके अतिरिक्त कोई ईश्वर नहीं है और वह सदैव जीवित है और हर वस्तु उसी की कृपा से स्थापित है। उसने आप पर वह ...

जीवन में प्रगति के लिए इमाम सादिक (अ) की नसीहतें

इमाम सादिक़ (अ) के ज़माने के लोग इमाम (अ) के ज्ञानात्मक और आध्यात्मिक स्थान से भलीभांति परिचित थे इसलिए जब भी उन्हें मुलाक़ात का सौभाग्य प्राप्त होता था तो आपसे नसीहत व ...

इमाम हसन (अ) के दान देने और क्षमा करने की कहानी।

एक दिन इमाम हसन (अ) घोड़े पर सवार कहीं जा रहे थे कि शाम अर्थात मौजूदा सीरिया का रहने वाला एक इंसान रास्ते में मिला। उस आदमी ने इमाम हसन को बुरा भला कहा और गाली देना शुरू कर ...

रमजान का महत्व।

قال رسول الله (صلى الله عليه و آله)لو يعلم العبد ما فى رمضان لود ان يكون رمضان السنةपैगम्बरे इस्लाम (स.) फ़रमाते हैं:अगर ख़ुदा का बंदा जान लेता कि रमजान में है (क्या बरकतें और क्या रहमतें हैं) तो पूरे ...

अली के शियों की विशेषता।

इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैं कि अली अलैहिस्सलाम के शिया वह लोग हैं जो अपने भाईयों, बंधुओं को ख़ुद पर प्राथमिकता देते हैं चाहे उन्हें कितनी ही ज़रूरत क्यों न ...