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Monday 1st of March 2021
Masoumeen
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इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम की अहादीस

इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम की अहादीस
यदि मनुष्य का मन पवित्र हो जाए तो उसका व्यवहार मज़बूत हो जाता है।जो बात एक से दो तक पहुंची, उससे सब अवगत हो जाएंगें।कभी भी लोगों की आस्थाओं के बारे में खोजबीन न करो कि इस ...

अहलेबैत अ. की श्रेष्ठता

अहलेबैत अ. की श्रेष्ठता
इस्लामी रिवायतों की बिना पर क़ुरआने मजीद की बे शुमार आयतें अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम के फ़ज़ाएल व मनाक़िब की बयानगर हैं और इन्हीं मासूम हस्तियों के किरदार के मुख़्तलिफ़ ...

इमाम हसन (अ) के दान देने और क्षमा करने की कहानी।

इमाम हसन (अ) के दान देने और क्षमा करने की कहानी।
एक दिन इमाम हसन (अ) घोड़े पर सवार कहीं जा रहे थे कि शाम अर्थात मौजूदा सीरिया का रहने वाला एक इंसान रास्ते में मिला। उस आदमी ने इमाम हसन को बुरा भला कहा और गाली देना शुरू कर ...

अत्याचारी बादशाहों के दौर में इमाम सादिक़ अ. नें आंदोलन क्यों नहीं किया।

अत्याचारी बादशाहों के दौर में इमाम सादिक़ अ. नें आंदोलन क्यों नहीं किया।
अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी, अबना:  इमाम सादिक़ अ. के ज़माने के बादशाहों के विरुद्ध होने वाले अक्सर आंदोलनों में इमाम सादिक़ अ. की मर्ज़ी शामिल नहीं थी। और आप आंदोलन के अगुवाओं ...

अल्लाह के इंसाफ़ का डर

अल्लाह के इंसाफ़ का डर
अल्लाह की कोई भी सिफ़त डराने वाली नही है, न उसकी रहमानीयत में डर है न ही रऊफ़ियत व रज़्ज़क़ियत व ग़फ़्फ़ारियत में, दुआ ए जोशने कबीर में अल्लाह के हज़ार नाम और सिफ़ात बयान हुए ...

इमाम मूसा काज़िम (अ.ह.) की ज़िंदगी पर एक नज़र।

इमाम मूसा काज़िम (अ.ह.) की ज़िंदगी पर एक नज़र।
 इमाम मूसा काज़िम (अ.ह.) ने विभिन्न अत्याचारी शासकों के दौर में ज़िंदगी बिताई। आपका युग, परिस्थितियों के हिसाब से बहुत दुखद और कठिनाइयों एंव दम घुट जाने वाला दौर था। हर आने ...

हज़रत अब्बास (अ.)

हज़रत अब्बास (अ.)
चार शाबान ऐसे महान व्यक्ति का शुभ जन्म दिवस है जिसका नाम इतिहास में निष्ठा और त्याग का पर्याय बन चुका है।  शाबान महीने की चार तारीख़ को हज़रत अली अलैहिस्सलाम के सुपुत्र ...

इमाम मूसा काज़िम (अ.ह.) के राजनीतिक संघर्ष पर एक नज़र।

इमाम मूसा काज़िम (अ.ह.) के राजनीतिक संघर्ष पर एक नज़र।
 अइम्मा (अ.ह.) अपने ऐसे साथियों और अनुयायियों को हुकूमत में शामिल होने का आदेश देते थे जिनमें काफी हद तक राजनीतिक अंतर्दृष्टि और समझ पाई जाती थी जिसका उद्देश्य हुकूमत में ...

हज़रत इमाम हसन अलैहिस्सलाम का जन्म दिवस

हज़रत इमाम हसन अलैहिस्सलाम का जन्म दिवस
रमज़ान का पवित्र महीना अपनी पूरी अनुकंपाओं व अध्यात्म के साथ जारी है। इस पवित्र महीने में रोज़ेदार अपने रोज़ेदार भाईयों और बहनों को इफ़्तार का निमंत्रण देते हैं और उनके ...

अमीरुल मोमिनीन अली अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय

अमीरुल मोमिनीन अली अलैहिस्सलाम का जीवन परिचय
नाम व अलक़ाब (उपाधियाँ)आपका नाम अली व आपके अलक़ाब अमीरुल मोमेनीन, हैदर, कर्रार, कुल्ले ईमान, सिद्दीक़,फ़ारूक़, अत्यादि हैं।माता पिताआपके पिता हज़रतअबुतालिब पुत्र हज़रत ...

जनाबे ज़हरा(स)की सवानेहे हयात

जनाबे ज़हरा(स)की सवानेहे हयात
अल्लाह तबारक व तआला ने तमाम आलमें इंसानियत के रुश्द व हिदायत के लिये इस्लाम में कई ऐसी हस्तियों को पैदा किया जिन्होने अपने आदात व अतवार, ज़ोहद व तक़वा, पाकीज़गी व इंकेसारी, ...

इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम का जन्म दिवस

इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम का जन्म दिवस
आज पवित्र नगर मदीना में इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम का घर प्रकाशवान है। पूरा मदीना नगर इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम के सुपुत्र इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम के आगमन से ...

नौहा

नौहा
तुरबते बेशीर पर कहती थी माँ असग़र उठोकब तलक तन्हाई में सोओगे ऐ दिलबर उठोहै अंधेरा घर में नज़रों में जहाँ तारीक हैकब तलक पिन्हाँ रहोगे ए महे अनवर उठोहम सबों को कै़द करके ...

28 सफ़र रसूले इस्लाम स. और इमाम हसन अ. की शहादत

28 सफ़र रसूले इस्लाम स. और इमाम हसन अ. की शहादत
 इलाही पैग़म्बरों की एक अहेम ज़िम्मेदारी जेहालत, बेदीनी, अंध विश्वास के विरुद्ध संघर्ष और अन्याय, ज़ुल्म और मानवाधिकारों के हनन के ख़ेलाफ़ आंदोलन छेड़ना था। आख़री इलाही ...

रमजान का महत्व।

रमजान का महत्व।
قال رسول الله (صلى الله عليه و آله)لو يعلم العبد ما فى رمضان لود ان يكون رمضان السنةपैगम्बरे इस्लाम (स.) फ़रमाते हैं:अगर ख़ुदा का बंदा जान लेता कि रमजान में है (क्या बरकतें और क्या रहमतें हैं) तो पूरे ...

आलमे बरज़ख़

आलमे बरज़ख़
हमारा अक़ीदह है कि इस दुनिया और आख़ेरत के बीच एक और जहान है जिसे “बरज़ख़” कहते हैं।मरने के बाद हर इँसान की रूह क़ियामत तक इसी आलमे बरज़ख़ में रहती है।“व मिन वराइहिम ...

इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम की शहादत

इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम की शहादत
इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम की बहुत उपाधियां हैं जिनमें सबसे प्रसिद्ध रज़ा है जिसका अर्थ है राज़ी व प्रसन्न रहने वाला। इस उपाधि का बहुत बड़ा कारण यह है कि इमाम महान ईश्वर की ...

हक़ और बातिल के बीच की दूरी ??

हक़ और बातिल के बीच की दूरी ??
 इमाम हसन (अ) ने शाम के एक व्यक्ति के जवाब में विस्तिरित हदीस में फ़रमायाः . शामी ने कहाः . हक़ (सत्य) और बातिल (असत्य) में कितनी दूरी है? . और ज़मीन एवं आसमान के बीच कितनी दूरी ...

करबला..... दरसे इंसानियत

करबला..... दरसे इंसानियत
उफ़ुक़ पर मुहर्रम का चाँद नुमुदार होते ही दिल महज़ून व मग़मूम हो जाता है। ज़ेहनों में शोहदा ए करबला की याद ताज़ा हो जाती है और इस याद का इस्तिक़बाल अश्क़ों की नमी से होता है ...

इमाम ज़ैनुल-आबेदीन अलैहिस्सलाम की शहादत

 इमाम ज़ैनुल-आबेदीन अलैहिस्सलाम की शहादत
करबला में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके निष्ठावान साथियों की शहादत के पश्चात उनके परिजनों को बहुत कठिन परिस्थितियों में बंदी बना लिया गया। इब्ने ज़ियाद ने करबला के ...