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Thursday 18th of October 2018
Masoumeen
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हक़ और बातिल के बीच की दूरी ??

हक़ और बातिल के बीच की दूरी ??
 इमाम हसन (अ) ने शाम के एक व्यक्ति के जवाब में विस्तिरित हदीस में फ़रमायाः . शामी ने कहाः . हक़ (सत्य) और बातिल (असत्य) में कितनी दूरी है? . और ज़मीन एवं आसमान के बीच कितनी दूरी ...

इमाम हसन(अ)की संधि की शर्तें

इमाम हसन(अ)की संधि की शर्तें
1- माविया को इस शर्त पर सत्ता हस्तान्त्रित की जाती है कि वह अल्लाह की किताब (कुरऑन ) पैगम्बर व उनके नेक उत्तराधिकारियों की शैली के अनुसार कार्य करेगा। 2- माविया के बाद सत्ता ...

इस्लाम में पड़ोसी अधिकार

इस्लाम में पड़ोसी अधिकार
इस्लाम में पड़ोसी के साथ अच्छे व्यवहार पर बड़ा बल दिया गया हैं। परन्तु इसका उददेश्य यह नही हैं कि पड़ोसी की सहायता करने से पड़ोसी भी समय पर काम आए, अपितु इसे एक मानवीय ...

आशूरा का पैग़ाम, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की ज़बानी

आशूरा का पैग़ाम, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की ज़बानी
इमाम हुसैन अ.स. का करबला में आ कर ज़ुल्म के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने का कारण इस्लामी समाज में पैदा की गई वह गुमराहियां और बिदअतें थीं जिसकी बुनियाद सक़ीफ़ा में रखी गई थी, जिसके ...

इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम का जन्मदिवस

इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम का जन्मदिवस
वर्ष ३८ हिज़री क़मरी ५ शाबान को पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहि व आलेहि व सल्लम के पौत्र इमाम अली बिन हुसैन पैदा हुए जिनकी एक उपाधि सज्जाद भी है। हज़रत इमाम हुसैन ...

बच्चों के साथ रसूले ख़ुदा (स.) का बर्ताव

बच्चों के साथ रसूले ख़ुदा (स.) का बर्ताव
ख़ुदा ने बच्चों की सूरत में अपनी एक बहुत बड़ी नेमत इंसान को अता की है और उन की सही तरबीयत और परवरिश का हुक्म दिया है क्यों कि बच्चे ही किसी क़ौम, समाज और मुल्क का फ़्युचर होते ...

सम्मोहन एवं बुद्धिमत्ता

सम्मोहन एवं बुद्धिमत्ता
पुराने समय की बात है। एक माली रहता था जो सुगंधित व सुदंर फ़ुलवाड़ियों व क्यारियों की बहुत अच्छे ढंग से देखभाल करता था। वृद्ध होने के बावजूद वह प्रतिदिन सूर्योदय से पूर्व ...

इमाम हुसैन(अ)के क़ियाम की वजह

इमाम हुसैन(अ)के क़ियाम की वजह
हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने अपने ज़माने की हुकूमत के ख़िलाफ़ जो क़ियाम किया, उसकी बहुत सी वजहें हैं। लेकिन हम यहाँ पर उनमें से सिर्फ़ ख़ास ख़ास वजहों का ही ज़िक्र कर ...

हज़रत अली अकबर अलैहिस्सलाम

हज़रत अली अकबर अलैहिस्सलाम
नाम   आपका नामे नामी अली इब्ने हुसैन था।     उपनाम   आपका लक़ब अकबर था।     माता पिता   हज़रत अली अकबर अलैहिस्सलाम के पिता हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम व आपकी माता हज़रते ...

इमाम हुसैन(अ)का अंतिम निर्णय

इमाम हुसैन(अ)का अंतिम निर्णय
जिस समय महापुरुषों की बात आती है क़लम कांपने लगता है क्योंकि क़लम कभी इन महापुरुषों के व्यक्तित्व के सभी आयामों का भलिभांति चित्रण नहीं कर सकता। पैग़म्बरे इस्लाम के नाती ...

हुसैन(अ)के बा वफ़ा असहाब

हुसैन(अ)के बा वफ़ा असहाब
मैंने अपने असहाब से आलम और बेहतर किसी के असहाब को नही पाया। हमारी दीनी तालीमात का पहला स्रोत क़ुरआने मजीद है। क़ुरआन के बाद हम जिन रिवायात का तज़किरा करते हैं वह दो तरह की ...

इमाम हुसैन(अ)का आन्दोलन

इमाम हुसैन(अ)का आन्दोलन
मुहर्रम के आने के साथ ही करबला वालों की याद हृदयों में पुनःजीवित हो जाती है। हर व्यक्ति अपने स्तर से इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के पवित्र आन्दोलन से स्वंय को जोड़ने का प्रयास ...

करबला..... दरसे इंसानियत

करबला..... दरसे इंसानियत
उफ़ुक़ पर मुहर्रम का चाँद नुमुदार होते ही दिल महज़ून व मग़मूम हो जाता है। ज़ेहनों में शोहदा ए करबला की याद ताज़ा हो जाती है और इस याद का इस्तिक़बाल अश्क़ों की नमी से होता है ...

इमाम हुसैन (अ.स) के आंदोलन के उद्देश्य

इमाम हुसैन (अ.स) के आंदोलन के उद्देश्य
हज़रत इमाम हुसैन (अस) ने सन् (61) हिजरी में यज़ीद के विरूद्ध आंदोलन किया। उन्होने अपने आंदोलन के उद्देश्यों को इस तरह बयान किया है किः 1. जब हुकूमती यातनाओं से तंग आकर हज़रत ...

कर्बला सच्चाई की संदेशवाहक

कर्बला सच्चाई की संदेशवाहक
मोहर्रम, हुसैन और कर्बला एसे नाम और एसे विषय हैं जो किसी एक काल से विशेष नहीं हैं।  पैग़म्बरे इस्लाम का संदेश, आने वाले समस्त कालों के लिए था इसीलिए इमाम हुसैन (अ) इस संदेश के ...

आशूरा के असरात

आशूरा के असरात
आशूरा के वाक़ेया ने इंक़ेलाब बरपा कर दिया, ग़फ़लत की नींद में पड़े हुए लापरवाह लोगों को बेदार कर दिया, मुर्दा ज़मीर इंसानों को ज़िन्दा कर दिया, मज़लूमियत और इँसानियत की ...

माहे मुहर्रम

माहे मुहर्रम
इमाम हुसैन (अ:स) अपने नाना रसूल अल्लाह (स:अ:व:व) से उम्मत द्वारा किये गए ज़ुल्म को ब्यान करते हुए कहते हैं : नाना आपके बाद आपकी उम्मत ने माँ फातिमा (स:अ) पर इतना ज़ुल्म ढाया की मेरा ...

हुसैन ने इस्लाम का चिराग़ बुझने न दिया

हुसैन ने इस्लाम का चिराग़ बुझने न दिया
हज़रत इमाम हुसैन (अ) ने अपने रिश्तेदारों और साथियों के साथ इस्लाम को क़यामत तक के लिये अमर बना देने के लिए महान बलिदान दिया है। इस रास्ते में इमाम किसी क़ुरबानी से भी पीछे ...

शहीदो के सरदार इमाम हुसैन की अज़ादारी

शहीदो के सरदार इमाम हुसैन की अज़ादारी
मोहर्रम का दुःखद महीना फिर आ गया। लोग मोहर्रम मनाने की तैयारी करने लगे हैं। मोहर्रम आने पर बहुत से लोग यह सोचने लगते हैं कि आखिर क्या वजह है कि १४ शताब्दियां बीत जाने के ...

हदीसे ग़दीर को छिपाने वाले

हदीसे ग़दीर को छिपाने वाले
बाज़ रिवायात के मुताबिक़ हज़रत अमीरुल मोमिनीन (अ) ने एक मजमे असहाब से कहा कि जो लोग ग़दीर में मौजूद थे और उन्होने हदीसे ग़दीर को सुना है वह खड़े हों और इस मजमे के सामने गवाही ...