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Thursday 20th of June 2019
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दाइशी, दाइशी ही होते हैं, सुधरने वाले नहीं हैं

दाइशी, दाइशी ही होते हैं, सुधरने वाले नहीं हैं

सीरिया और इराक़ में दाइश की स्वयंभू सरकार ख़त्म तो हो गयी है किन्तु आतंकवादी गुट दाइश की महिलाओं के मनोबल पर कोई असर ही नहीं पड़ा है। सीरियन डेमोक्रेटिक आर्मी के लड़ाकों ने दाइश के अंतिम गढ़ अलबाग़ूज़ से आतंकियों की महिलाओं और उनके बच्चों को कैंपों में पहचाने के लिए गाड़ियों का सहारा लिया किन्तु वीडियो में दाइश की महिलाओं की हालत देखकर दुनिया हैरान है।

यह वीडियो दाइश की ही कुछ महिलाओं ने बनाया है जिसमें वह कह रही हैं कि दाइश ज़िंदा है और चलता रहेगा, हम वचन देते हैं कि कि दाइश के तथाकथित शेर दिल बच्चों को बड़ा करते रहेंगे।

रोइटर्ज़ ने रिपोर्ट दी है कि दाइश की कुछ महिलाओं ने सीरिया और इराक़ की दाइश की महिलाओं पर हमला किया और उनको काफ़िर कहा। दाइश की पराजय निश्चित होता देखकर इन लोगों ने अपने कट्टरपंथी दृष्टिकोण दूरी महिलाओं पर थोपने का प्रयास किया।

सीरियन और इराक़ी महिलाओं का कहना है कि दाइश की विदेशी महिलाएं हम पर चिल्लाती हैं, हमको काफ़िर कहती हैं क्योंकि हम अपने चेहरे नहीं ढांपते और इसीलिए वह हम पर लात घूंसों से हमले भी करती हैं।

दाइश की विदेशी महिलाओं ने केवल महिलाओं के साथ हाथापायी को ही पर्याप्त नहीं समझा बल्कि सीरियन डेमोक्रेटिक आर्मी के कैंप के पास मौजूद कुछ पत्रकारों पर पथराव भी किया।

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