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Saturday 24th of September 2022
Kalam and Beliefs
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क़ुरआने करीम की तफ़्सीर के ज़वाबित

क़ुरआने करीम की तफ़्सीर के ज़वाबित
हमारा मानना है कि क़ुरआने करीम के अलफ़ाज़ को उनके लुग़वी व उर्फ़ी मअना में ही इस्तेमाल किया जाये,जब तक आयत में अलफ़ाज़ के दूसरे मअना में इस्तेमाल होने का कोई अक़्ली या ...

इरादे की दृढ़ता

इरादे की दृढ़ता
बहुत से जवान इरादे की कमज़ोरी और फ़ैसला न करने की सलाहियत की शिकायत करते हैं कहते हैं कि हमने बुरी आदत को छोड़ देने का फ़ैसला किया लेकिन उसमें सफल नही हुए इमाम अली (अ) की नज़र ...

पाप एक बीमारी 2

पाप एक बीमारी  2
पुस्तक का नामः पश्चताप दया का आलंगन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   मानव इन कारको के प्रभाव से बौद्धिक त्रुटि, हृदय के विचलन, अनैतिकता तथा व्यवहारिक बुराईयो मे घिर जाता है, इस ...

तौहीद की क़िस्में

तौहीद की क़िस्में
हमारा अक़ीदह है कि तौहीद की बहुत सी क़िस्में हैं जिन में से यह चार बहुत अहम हैं। तौहीद दर ज़ात यानी उसकी ज़ात यकता व तन्हा है और कोई उसके मिस्ल नही है तौहीद दर सिफ़ात यानी ...

ज़िक्रे ख़ुदा

ज़िक्रे ख़ुदा
ऐ अज़ीज़म ! इस राह को तै करने के लिए पहले सबसे पहले लुत्फ़े ख़ुदा को हासिल करने की कोशिश करो और कुरआने करीम के वह पुर माअना अज़कार जो आइम्माए मासूमीन अलैहिम अस्सलाम ने बयान ...

हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम के ज़ुहूर की निशानियाँ

हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम के ज़ुहूर की निशानियाँ
 इमाम महदी अलैहिस्सलाम के ज़ुहूर से पहले बहुत सी निशानियां ज़ाहिर होंगी। जब आपका ज़ुहूर होगा तो पूरब व पश्चिम पर आपकी हुकूमत होगी। ज़मीन अपने सारे ख़ज़ाने उगल देगी। ...

तफसीरे सूराऐ फत्ह

तफसीरे सूराऐ फत्ह
सूरए फ़त्ह पवित्र क़ुरआन का 48वां सूरा है। यह सूरा मदीने में उतरा।  इसमें 29 आयतें है। इस सूरे के नाम से ही स्पष्ट है कि यह विजय और सफलता का संदेश दे रहा है। अरबी भाषा में ...

पश्चाताप 2

पश्चाताप 2
  लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान   किताब का नाम: तोबा आग़ोशे रहमत   कल हमने कहा था कि तोबा आग़ाशे रहमते इलाही है। सत्य पश्चाताप उदात्त दूरदराज के कनेक्शन के कारण चमकदार ...

अँबिया का अपनी पूरी ज़िन्दगी में मासूम होना

अँबिया का अपनी पूरी ज़िन्दगी में मासूम होना
हमारा अक़ीदह है कि अल्लाह के तमाम पैग़म्बर मासूम हैं यानी अपनी पूरी ज़िन्दगी में चाहे वह बेसत से पहले की ज़िन्दगी हो या बाद की गुनाह, ख़ता व ग़लती से अल्लाह की तईद के ज़रिये ...

फ़रिशतगाने ख़ुदा

फ़रिशतगाने ख़ुदा
फ़रिश्तों के वुजूद पर हमारा अक़ीदह है कि और हम मानते हैं कि उन में से हर एक की एक ख़ास ज़िम्मेदारी है- एक गिरोह पैगम्बरों पर वही ले जाने पर मामूर हैं[1]। एक गिरोह इँसानों के ...

क़ुरआने मजीद ने क्यों दो तरीक़ों यानी ज़ाहिरी और बातिनी तौर पर बयान फ़रमाया है?

क़ुरआने मजीद ने क्यों दो तरीक़ों यानी ज़ाहिरी और बातिनी तौर पर बयान फ़रमाया है?
1. इंसान ने अपनी ज़िन्दगी में जो कि सिर्फ़ दुनियावी और आरेज़ी ज़िन्दगी है, अपनी हयात का ख़ैमा एक बुलबुले की तरह माद्दे (material) से उसका हमेशा वास्ता है।उसके अँदरुनी और बेरुनी ...

तफ़्सीर बिर्राय के ख़तरात

तफ़्सीर बिर्राय के ख़तरात
हमारा अक़ीदह है कि क़ुरआने करीम के लिए सब से ख़तरनाक काम अपनी राय के मुताबिक़ तफ़्सीर करना है।इस्लामी रिवायात में जहाँ इस काम को गुनाहे कबीरा से ताबीर किया गया है वहीँ यह ...

मुसहफ़े फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाहे अलैहा

मुसहफ़े फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाहे अलैहा
अहलेबैत (अ) से नक़्ल होने वाली रिवायतों में से कुछ रिवायतों में हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाहे अलैहा के मुसहफ़ की बात कही गई है, और एक किताब की आपकी तरफ़ निस्बत दी गई है ...

अँबिया अल्लाह के फ़रमाँ बरदार बन्दे हैं

अँबिया अल्लाह के फ़रमाँ बरदार बन्दे हैं
हमारा अक़ीदह है कि पैग़म्बरों और रसूलों का का सब से बड़ा इफ़्तेख़ार यह था कि वह अल्लाह के मुती व फ़रमाँ बरदार बन्दे रहे। इसी वजह से हम हर रोज़ अपनी नमाज़ों में पैग़म्बरे ...

हदीसुल मुनाशिदा

हदीसुल मुनाशिदा
हाफ़िज़ अलक़न्दूज़ी हदीसे मुनाशिदा की रसूलल्लाह (स.) के असहाब से रिवायत करते हैं। वह बयान करते हैं कि जिस वक़्त आयतेالیوم اکملت لکم دینکم و اتممت علیکم نعمتی و رضیت لکم الاسلام دینا नाज़िल हुई ...

तिलावत,तदब्बुर, अमल

तिलावत,तदब्बुर, अमल
क़ुरआने करीम की तिलावत अफ़ज़ल तरीन इबादतों में से एक है और बहुत कम इबादते ऐसी हैं जो इसके पाये को पहुँचती हैं। क्यों कि यह इल्हाम बख़्श तिलावत क़ुरआने करीम में ग़ौर व ...

क़ुरआन में तहरीफ़ नही

क़ुरआन में तहरीफ़ नही
हमारा अक़ीदह यह है कि आज जो क़ुरआन उम्मते मुस्लेमाँ के हाथों में है यह वही क़ुरआन है जो पैगम्बरे इस्लाम (स.)पर नाज़िल हुआ था। न इस में से कुछ कम हुआ है और न ही इस में कुछ बढ़ाया ...

निराशा कुफ़्र है 2

निराशा कुफ़्र है 2
पुस्तक का नामः पश्चताप दया का आलंगन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हमने इस से पूर्व कुरआन के एक छंद कि जिसमे कहा था कि ईश्वर की दया से निराश न हो, नास्तिक व्यक्ति को छोड़कर कोई ...

इनहेराफ़ी बहसे

इनहेराफ़ी बहसे
हमारा मानना है कि मुस्लमानों को क़ुरआने करीम की आयात में तदब्बुर करने से रोकने के लिए हमेशा ही साज़िशें होती रही हैम इन साज़िशों के तहत कभी बनी उमय्यह व बनी अब्बास के दौरे ...

क़ुरआने मजीद और अख़लाक़ी तरबीयत

क़ुरआने मजीद और अख़लाक़ी तरबीयत
अख़लाक़ उन सिफ़ात और अफ़आल को कहा जाता है जो इंसान की ज़िन्दगी में इस क़दर रच बस जाते हैं कि ग़ैर इरादी तौर पर भी ज़हूर पज़ीर होने लगते हैं।बहादुर फ़ितरी तौर पर मैदान की ...