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Wednesday 3rd of June 2020
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सीरिया में मिला इस्राईली हथियारों का भंडार।

सीरिया की सेना ने आतंकवादियों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए उत्तरी हुम्स के अलहौला क्षेत्र से भारी मात्रा में इस्राईली हथियार और गोले बारूद बरामद किए हैं।

अबनाः अलमनार टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार सीरिया की सेना ने हुम्स में आतंकवादियों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए इस्राईली बमों और शोल्डर फ़ायर्ड मीज़ाइलों सहित आतंकवादियों के क़ब्ज़े से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किया है।
इससे पहले भी सीरिया की सेना दरआ, रीफ़े दमिश्क़, पूर्वी क़लमून सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में अमरीका और इस्राईल के हथियारों और गोले बारूद के भंडारों को बरामद कर चुके हैं।
ज़ायोनी सेना ने कई बार आतंकवादियों का समर्थन करने और उनको हवाई कवरेज देने के लिए सीरियाई सेना के ठिकानों पर हमले किए हैं।
 कुनैतरा" और " दरआ" में आतंकवादियों के लिए हथियारों और दवाओं की भारी खेप पकड़ी गयी थह और पकड़ी गयी सारी चीज़ें, मेड इन इस्राईल थीं।
जो हथियार बरामद हुए हैं उन्में मॉर्टर, तोपख़ानों के उपकरण, बड़ी मात्रा में बख़्तर बंद वाहन रोधी हथियार और नेटो निर्मित 155एमएम की तोप शामिल है जिसकी मारक क्षमता लगभग 40 किलोमीटर है।
अमेरिका के कार्टर शोधकेन्द्र ने भी स्पष्ट शब्दों में स्वीकार किया है कि नुस्रा फ्रंट और 23 दूसरे आतंकवादी गुटों ने अमेरिका से सैनिक सहायता प्राप्त की है। इस संबंध में क्षेत्र के राजनीतिकि मामलों के एक विशेषज्ञ रियाज़ सिक्र ने कहा है कि पश्चिमी देशों ने सीरिया संकट के आरंभ से ही आतंकवादियों की वित्तीय और सैनिक सहायता की है।
सीरिया का संकट , सन 2011 में सऊदी अरब, अमरीका, और ब्रिटेन व फ्रांस सहित उनके घटकों की भारी सहायता से आतंकवादियों के बड़े मलों से आरंभ हुआ और इस संकट का मक़सद, इस्राईल के हितों की रक्षा है।


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