Hindi
Thursday 17th of June 2021
244
0
نفر 0
0% این مطلب را پسندیده اند

हदीसुल मुनाशिदा



हाफ़िज़ अलक़न्दूज़ी हदीसे मुनाशिदा की रसूलल्लाह (स.) के असहाब से रिवायत करते हैं। वह बयान करते हैं कि जिस वक़्त आयते
الیوم اکملت لکم دینکم و اتممت علیکم نعمتی و رضیت لکم الاسلام دینا नाज़िल हुई तो हुज़ूर (स.) ने फ़रमाया अल्लाहु अकबर दीन कामिल हो गया। नेमतें तमाम हो गयीं और मेरा परवरदिगार मेरी रिसालत और मेरे बाद अली (अ.) की विलायत से राज़ी हो गया। लोगों ने अर्ज़ की या रसूलल्लाह यह आयतें अली (अ.) से मख़सूस हैं? हज़रत ने फ़रमाया हाँ ! यह आयतें अली और क़ियामत तक आने वाले मेरे औसिया से मख़सूस हैं। लोगों ने अर्ज़ की या रसूलल्लाह हमारे लिए बयान फ़रमाइये हज़रत ने बयान फ़रमाया अली (अ.) मेरा भाई और मेरा वारिस व वसी और मेरे बाद तमाम मोमीनीन का वली है। फिर मेरा फ़रज़न्द हसन, फिर हुसैन उनके बाद हुसैन के नौ फ़रज़न्द मेरे औसिया होगें। क़ुरआन उनके साथ है और वह क़ुरआन के साथ हैं। न यह क़ुरआन से जुदा होगें और न क़ुरआन उनसे जुदा होगा। यहाँ तक कि यह सब के सब मेरे पास हौज़े (कौसर) पर वारिद होगें। (यहाँ तक कि हुज़ूर (स.) ने फ़रमाया) मैं तुम्हे ख़ुदा की क़सम दे कर सवाल करता हूँ। क्या तुम जानते हो कि ख़ुदा वन्दे आलम ने सूरए हज में इरशाद फ़रमाया है:

یا یها الذین آمنوا ارکعوا و اسجدوا و اعبدوا ربکم و افعلوا الخیر

ऐ ईमान लाने वालो ऱूकू व सुजूद बजा लाओ (यानी नमाज़ पढो) और सिर्फ़ अपने
परवरदिगारे हक़ीक़ी की इबादत करो और नेकी करो। सूरः की बाद की आयतें इस तरह
हैं सलमान ने अर्ज़ की या रसूलल्लाह वह कौन लोग हैं जिनके (आमाल व अफ़आल) पर आपको गवाह बनाया गया है और उनको दूसरे लोगों (के आमाल व अफ़आल पर) गवाह मुक़र्रर किया गय है, जिनको ख़ुदावन्दे आलम ने मुनतख़ब किया है और मिल्लते इबराहीम से उन पर दीन (के मुआमलात) में किसी क़िस्म की तंगी (सख्ती) को रवा नही रखा गया है? हज़रत ने फ़रमाया: इस अम्र से सिर्फ़ 13 हज़रात मुराद हैं। सलमान ने अर्ज़ की (या रसूलल्लाह) इरशाद फ़रमाईये, फ़रमाया मैं और मेरे भाई और मेरे 11 फ़रज़न्द हैं।

इमाम हम्बल बयान करते हैं: रसूलल्लाह (स.) ने हुसैन (अ.) के लिए फ़रमाया: मेरा यह फ़रज़न्द इमाम है, इमाम का भाई और 9 इमामों का बाप है जिनमें का आखिरी क़ाइम (अ.) है।(मुस्नद अहमद बिन हम्बल)

नासल रसूलल्लाह से सवाल करता हैं: इब्ने अब्बास का बयान है कि नासल यहूदी पैग़म्बरे इस्लाम की ख़िदमत में हाज़िर हुआ और अर्ज़ की ऐ मुहम्मद ! मैं आप से कुछ ऐसी चीज़ों के मुतअल्लिक़ सवाल करना चाहता हूँ, जो एक ज़माने से मेरे सपने में ख़लिश बनी हुई हैं। हज़रत ने फ़रमाया बयान करो: उसने कहा "आप मुझे अपने वसी के बारे में बतालाइये ? इसलिए कि कोई नबी ऐसा नही गुज़रा जिसका वसी न हो। हमारे नबी मूसा बिन इमरान ने यूशा बिन नून को अपना वसी मुक़र्रर किया।

हज़रत ने फ़रमाया: मेरे वसी अली इब्ने अबितालिब हैं और उनके बाद मेरे दो नवासे हसन और हुसैन होगें फिर यके बाद दीगर हुसैन की औलाद से नौ इमाम होगें।

नासल ने कहा: आप मुझे उनके नाम बताईये। हज़रत ने फ़रमाया: हुसैन के बाद उनका फ़रज़न्द अली होगा और उनके बाद उनका फ़रज़न्द मुहम्मद होगा और उनके बाद उनका फ़रज़न्द जाफ़र होगा और उनके बाद उनका फ़रज़न्द मूसा फिर उनका फ़रज़न्द अली होगा फिर उनका फ़रज़न्द मुहम्मद होगा फिर उनका फ़रज़न्द अली होगा फिर उनका फ़रज़न्द हसन होगा फिर उनका फ़रज़न्द हुज्जत मुहम्मद महदी होगा जो कि बारह हैं।[1]


[1]-यनाबी उल मवद्दत, हाफ़िज़ अलक़न्दूज़ी

244
0
0% (نفر 0)
 
نظر شما در مورد این مطلب ؟
 
امتیاز شما به این مطلب ؟
اشتراک گذاری در شبکه های اجتماعی:

latest article

हस्त मैथुन जवानी के लिऐ खतरा
आलमे बरज़ख
तिलावत,तदब्बुर, अमल
ज़िक्रे ख़ुदा
राह के आख़री माना
सिरात व मिज़ान
निराशा कुफ़्र है 2
रहबर हुसैन हैं
दीन क्या है?
क़ुरआने करीम की तफ़्सीर के ज़वाबित

 
user comment