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Thursday 17th of June 2021
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दुआ-ऐ-मशलूल

दुआ-ऐ-मशलूल



सैय्यद इब्ने तावूस ने अपनी किताब मह्जूले-दावत में हज़रत इमाम हुसैन (अ:स) से रिवायत की है के आप फरमाते हैं की एक शब् मै अपने पदरे बुज़ुर्गवार आली मश्दार हज़रत अली इब्ने अबी तालिब (अ:स) के हमराह तावाफे खाने काबा में था और वो शब् बहुत तारीक थी और कोई मशगूले तवाफ़ न था। ज़्यादा लोग महवे ख़्वाब थे। नागाह मैंने एक आवाज़ सुनी के कोई शख्स ब आवाज़े दर्द यह शेर पढ़ रहा है :

अम्मय-युजीबो दुआ-ए-मुज़्तारे फ़ील ज़ुलमे

क़द्नामा वफ्दोका हौलत बीते व अन्ता बेहुम

ईन काना अफ्वोका ला यूर'जूहो ज़ुसराफे

फामय यजूदो अलल आसेना बिल नेमते


जनाबे अमीर (अ:स) ने इमाम हुसैन (अ:स) को उसके पास भेजा। जब वो शख्स आया। हज़रत ने नाम दरयाफ्त फरमाया। उसने अर्ज़ किया की मेरा नाम मनाज़िल इब्ने लाहक़ है और मै पहले अपनी शामाते नफ़स। गुनाह बहुत ज़्यादा करता था। मेरा बाप मुझ को नसीहत करता और मुझे खुदा से डराया करता था और मै उसको मारा करता था। एक रोज़ उसने सब रुपया मुझ से छुपा कर रखा। मै उन रुपयों को वाहियात खर्च करने चला। उसने मुझे को रोका और चाहा के रुपया मुझे से छीन ले। मैंने उसके हाथ मोड़ दिया और अपने को उसके गिरफ़्त से छुड़ा लिया। वो मायूस हो कर ख़ाने काबा में आया और अपने हाथों को बुलंद करके ख़ुदा से मेरी शिकायत की और बद-दुआ की के मेरा एक तरफ का बदन शल हो जाए। क़सम है उस ख़ुदा की उसकी दुआ (बद-दुआ) तमाम न हुई थी की मेरा एक पहलू (हिस्सा-ए-बदन) रह गया। जिस तरफ आप देख रहे हैं। इसके बाद मेरा बाप वतन चला गया। जब यह हाल हुआ तो मैंने अपने बाप से कमाले माफी माँगी। मेरे बाप ने मुहब्बत-ए-पेदरी से क़बूल किया। मै अपने बाप को दुआए-ख़ैर के लिए ऊँट पर सवार कर के उम्मीदे शिफ़ा में ला रहा था। के नागाह राह में एक मुर्गे ने परवाज़ की और ऊँट भड़का।मेरा बाप ऊँट से ग़िर कर हलाक हो गया। अब लोग ताने तिशना करते हैं और कहते हैं की बाप के आख़ करने से बलाए-नागहानी में गिरफ्तार है। पस जनाबे अमीर (अ:स) ने इस दुआ को इसलिए उसके लिए तजवीज़ फरमाया और इरशाद फरमाया की किसी शब इस दुआ को बा-वजू पढ़। इंशाल्लाह यह बला तुझ से दफा हो जायेगी और अल्लाह तेरी तौबा क़बूल करेगा। जब सुबह हुई तो वो शख्स हज़रत अली (अ:स) की ख़िदमत में इस तरह हाज़िर हुआ की बिलकुल तंदुरुस्त और हाथ में हज़रत की लिखी हुई दुआ थी और कहता जाता था या हज़रत (अ:स) बा-खुदा यह इस्मे आज़म है।

उसने शबे गुज़िश्ता जब लोग सो गए और मंजिले अहराम में लोगों की आमदो-रफत कम हुई तो मैंने अपने हाथों को आसमान की तरफ उठा कर कई मर्तबा इस दुआ को पढ़ा और फिर सो गया। इतने में आलामे ख्वाब में रिसालत मआब (स:अ:व:व) को देखा के वो जनाब (स:अ:व:व) अपने दस्ते मुबारक से मेरे बदन को मलते हैं और फरमाते हैं के मुहाफिज़त कर इस नाम की (इसमें आज़म)। नागाह मैं बेदार हुआ तो देखा के तमाम अवारिज़ (मुश्किले) खत्म हो गई। खुदा तुम को जज़ाये ख़ैर दे।


हज़रत इमाम हुसैन (अस:) ने फरमाया के इस दुआ में इस्मे आज़म है। इसका पढ़ना बाइसे बरकत है। रंज-ओ-ग़म दूर होता है। क़र्ज़ अदा होता है। गुनाह ख़तम् हो जाते है। शररे शैतान और ज़ुल्मे शैतान से महफूज़ रहेगा और हज़रत ने फरमाया की यह दुआ ब-तहारत पढी जाए ब-ग़ैर तहारत न पढी जाए।


इस दुआ के फायदे
इस दुआ को इशा की नमाज़ के बाद पढना चाहिए। इस दुआ को बा-वजू और तहारत के साथ पढ़ा जाए। इससे आप की सभी वैध प्रार्थना पुरी होगी। यह बीमारी और ग़रीबी दूर करती है।गुनाह माफ़ किये जाते हैं।लकवा की बीमारी में बहुत लाभदायक है। क़र्ज़ दूर होते है।दुश्मन दोस्त बनते हैं। पारिवारिक समस्याएँ दूर होती हैं। विवाद आप के पक्ष में हल होते हैं। क़ैद से रिहाई मिलती है। दिमागी परेशानी दूर होती है। समृद्धि एवं सौभाग्य की प्राप्ति होती है और सफलता मिलती है। ताज़ा और स्वस्थ्य दिमाग और शारीर हमेशा आप के साथ रहता है। अगर इस दुआ को हमेशा पढ़ा जाए तो गुनाहों की माफ़ी और अल्लाह की कृपा बनी रहती है।


बिस्मिल्ला हिर रहमानिर रहीम


ऐ अल्लाह मैं तुझ से सवाल करता हूँ तेरे नाम के वास्ते से। अल्लाह के नाम से शुरू करता हूँ। जो रहमान और रहीम है। ऐ साहब। फायेदा देने वाले। ऐ तदबीर वाले। औ मोहकम कार वाले। ऐ मेहरबान।


ऐ हिक्मत रखने वाले। ऐ वजूद क़दीम। ऐ आलिशान। ऐ बुज़ुर्गिवाले। ऐ मुहब्बत करने वाले। ऐ एहसान करने वाले। ऐ हिसाब करने वाले। ऐ जुज़ इज्लालत व बुज़ुर्गी। ऐ ज़िंदा। ऐ निगहबान।


ऐ जिंदा। सिवाए तेरे कोई माबूद नहीं। ऐ वो के जिसे कोई नहीं जानता के वो क्या है। और कैसा सूरत बनाने वाले। ऐ है। वो कहाँ है। वो क्योंकर है। हाँ वो खुद ही जानता है।


ऐ साहबे मुल्क व मलकूत। ऐ साहबे इज्ज़त व इक्तादार। ऐ बादशाह। वजूद देने वाले। ऐ ऐ पाक। ऐ सलामती वाले। ऐ अमन देने वाले। ऐ पासबान। ऐ इज़्ज़त वाले। ऐ ज़बरदस्त। ऐ बड़ाई वाले।


ऐ पैदा करने वाले।  ऐ ऐ साहबे इजाद। ऐ मुर्जाए ख़ल्क़। औ ज़ुल्म को ख़तम करने वाले। औ मुहब्बत वाले। ऐ नेक सिफात वाले। ऐ माबूद सुन्ने वाले। ऐ इल्म वाले। ऐ हिलम। ऐ ब'ईद। ऐ क़रीब।


ऐ दुआ क़बूल करने वाले। ऐ निगहबान। ऐ हिसाब करने वाले। ऐ इजाद करने वाले। ऐ बुलंद मुर्ताबा। ऐ आली मुकाम। ऐ देने वाले। ऐ मदद करने वाले। ऐ जलालत वाले। ऐ साहबे जमाल। ऐ कारसाज़।


ऐ सर्प्रसत। ऐ माफ़ करने वाले। ऐ पहचानने वाले। ऐ बा-अज़मत। ऐ रहनुमा। ऐ रहबर। ऐ इब्तदा करने वाले। ऐ अव्वल। ऐ आखिर। ऐ ज़ाहिर। ऐ बातिन। ऐ इस्तावार। ऐ हमेशा रहने वाले। ऐ इल्म वाले।


ऐ साहबे हुक्म। ऐ मुंसिफ। ऐ अदल करने वाले। ऐ सब से जुदा। ऐ सब से मिले हुए। ऐ पाक। ऐ पाक करने वाले। ऐ कुदरत वाले। ऐ इक्तादार वाले। ऐ बुज़ुर्ग। ऐ बुज़ुर्गी वाले। ऐ यगाना। ऐ यकता। ऐ बे-नेयाज़।


 ऐ वो जो किसी का बाप नहीं और न किसी का बेटा है और जिसका कोई हंसर नहीं है और न ही इस की कोई बीवी है न इस के लिए कोई वजीर है और न इस ने अपना कोई मुशीर बनाया है न वो किसी मददगार की हाजत रखता है और न इस के साथ कोई माबूद है।

 

सिवाए तेरे कोई माबूद नहीं। पस तू इस से बहुत ज़्यादा बुलंद है जो यह ज़ालिम कहा करते हैं। ऐ आलिशान। ऐ बलंद मर्तबा वाले। ऐ आली मत्रबा ऐ खोलने वाले। ऐ बख्शने वाले ऐ हवा को चलाने वाले ऐ राहत देने वाले ऐ मदद करने वाले ऐ मदद देने वाले ऐ पहुँचने वाले।

 

ऐ हलाक करने वाले। ऐ बदला लेने वाले। ऐ उठाने वाले। ऐ वारिस। ऐ तालिब। ऐ ग़ालिब। ऐ वो जिस से भागने वाला भाग नहीं सकता ऐ तौबा क़बूल करने वाले ऐ पलटने वाले।

 

ऐ बहुत देने वाले ऐ असबाब मुहैय्या करने वाले ऐ दरवाजों को खोलने वाले। ऐ वो के जिसे पुकारा जाए तो वो दुआ क़बूल करता है। ऐ बहुत पाकीज़ा। ऐ बहुत शुक्र करने वाले ऐ माफ़ करने वाले। ऐ बख्शने वाले ऐ नूर पैदा करने वाले ऐ अमूर की तदबीर करने वाले ऐ मेहरबान।

 

ऐ खबरदार ऐ पनाह देने वाले ऐ रौशन करने वाले। ऐ बीना ऐ मददगार। ऐ सब से बड़े। ऐ सब से बुज़ुर्ग। ऐ यकताये तनहा। ऐ हमेशगी वाले ऐ निगहबान।

 

ऐ बेनेयाज़। ऐ काफी। ऐ शिफ़ा देने वाले ऐ वफ़ा करने। ऐ माफ़ करने और ऐ एहसान करने वाले। ऐ नेकोकार ऐ नेमत देने वाले ऐ बुज़ुर्गवार ऐ बड़े मर्तबे वाले ऐ यागांगी वाले ऐ वो जो बुलंदी के साथ ग़ालिब है ऐ वो जो मालिक है फिर कादिर है।

 

ऐ वो जो निहा है और बा-खबर है ऐ वो जो माबूद है तो बदला देता है ऐ जो नाफ़रमानी पर बख्शता है ऐ वो जो फ़िक्र में समा नहीं सकता और निगाह इसे देख नहीं पाती और कोई निशान इस से पोशीदा नहीं है। ऐ इंसानों को रिज्क़ देने वाले। ऐ हर अंदाज़े के मुक़र्रर करने वाले। ऐ बुलंद मर्तबा।

 

ऐ मुहकम वसाएल वाले ऐ ज़माने को बदलने वाले ऐ क़ुर्बानी क़बूल करने वाले। ऐ साहबे नेमत व एहसान ऐ साहेबे इज़्ज़त और अहदी हुकूमत वाले ऐ रहीम ऐ रहमान ऐ वो के हर रोज़ जिस की नयी शान है ऐ वो जिसे एक काम दुसरे काम से ग़ाफिल नहीं करता ऐ बड़े मुक़ाम वाले ऐ वो जो हर जगह मौजूद है ऐ आवाजों के सुन्ने वाले ऐ दुआएं क़बूल करने वाले ऐ मुरादें बर लाने वाले ऐ हाजात पूरी करने वाले।

 

ऐ बरकतें नाज़िल करने वाले ऐ आंसूओं पर रहम ख़ाने वाले ऐ गुनाहों के माफ़ करने वाले ऐ सख्तियाँ दूर करने वाले ऐ नेकियों को पसंद करने वाले ऐ मर्तबे बुलंद करने वाले ऐ मुरादें पूरी करने वाले ऐ मुर्दों को ज़िंदा करने वाले ऐ बिखरों को इकठा करने वाले ऐ नीयतों की खबर रखने वाले ऐ खोई हुई चीज़ें लौटाने वाले ऐ वो जिस पर आवाजें मुश्तभा नहीं होतीं ऐ वो जिस को शर्ते सवाल से तंगी नहीं होती और तारीकियाँ इसे घेरती नहीं हैं।

 

ऐ आसमानों और ज़मीन की रौशनी। ऐ नेमतों को पूरा करने वाले ऐ बलाएँ टालने वाले ऐ जानदारों को पैदा करने वाले ऐ उम्मतों को जमा करने वाले ऐ बीमारों को शफ़ा देने वाले ऐ रौशनी और तारीकी के पैदा करने वाले ऐ साहेबे जूडो करम ऐ वो जिस के अर्श पर किसी का क़दम नहीं आया। ऐ सख़यों में सब से बड़े सखि। ऐ बुज़ुर्गी वाले से ज्यादा बुज़ुर्ग।

 

ऐ सुन्ने वालों में से ज़्यादा सुन्ने वाले ऐ देखने वालों में से ज़्यादा देखने वाले ऐ पनाहगजीनों की पनाहगाह ऐ डरे हुओं की जाए अमन ऐ पनाह चाहने वालों की जाए पनाह ऐ मोमिनों के सरपरस्त ऐ फरयादियों के फर्याद'रस ऐ तलबगारों की उम्मीद ऐ हर सफ़र करने वाले के साथी ऐ हर अकेले के हमनशीं ऐ हर निकाले गए की जाये पनाह। ऐ बे ठिकानों की क़रारगाह। ऐ गुन्शुदा के निगहबान।

 

ऐ बड़े बूढों पर रहम करने वाले ऐ नन्हे बच्चे को रोज़ी देने वाले ऐ टूटी हड्डी को जोड़ने वाले ऐ हर कैदी को रिहाई देने वाले ऐ बेचारे मुफलिस को गनी बनाने वाले ऐ खाएफ पनाह गुज़ीन की जाये क़रार। ऐ तदबीर और तकदीर के मालिक।

 
ऐ वो जिस के लिए हर मुश्किल और आसान काम हल्का है ऐ वो जो तफसीर का मुहताज नहीं ऐ वो जो हर चीज़ पर कुदरत रखता है।


ऐ वो जो हर चीज़ से वाकिफ है। ऐ वो जो हर चीज़ को देखता है। ऐ हवाओं को चलाने वाले ऐ सुबह की पौ खोलने वाले ऐ रूहों को भेजने वाले ऐ अता व सखावत वाले ऐ वो जिस के हाथ में सारी कुंजियाँ हैं।


ऐ हर आवाज़ को सुन्ने वाले ऐ हर गुज़रे हुए से पहले ऐ हर नफ़स को इस की मौत के बाद ज़िंदा करने वाले ऐ सख्तियों में मेरी पनाह ऐ सफ़र में मेरे मुहाफ़िज़।
 
 
ऐ मेरी तन्हाई के हमदम ऐ मेरी नेमतों के मालिक ऐ मेरी पनाह जब मुझ पर राहें बंद हो जाएँ और रिश्तादार मुझे दूर कर दें और अहबाब मुझे छोड़ जाएँ। ऐ इसके सहारे जिसका कोई सहारा नहीं।
 
 
ऐ इसकी सनद जिसकी कोई सनद नहीं। ऐ इसके ज़खीरे जिस का कोई ज़खीरा नहीं। ऐ इसकी पनाह जिसका कोई पनाह नहीं ऐ इसकी अमान जिस की कोई अमान नहीं।
 
 
ऐ उसके ख़ज़ाने जिसका कोई खज़ाना नहीं ऐ उसके पुष्ट'पनाह जिसका कोई पुश्त्पनाह नहीं। ऐ उसकी फरयाद जिस का कोई फर्यादरस नहीं ऐ उसके हमसाये जिसका कोई हमसाया नहीं जो नज़दीक तर है।
 
 
ऐ मेरा मज़बूत तरीन सहारा ऐ मेरे हकीकी माबूद ऐ ख़ाने काबा के परवरदिगार। ऐ मेहरबान ऐ दोस्त मुझे तंग घेरे से आज़ाद कर। मुझे से हर ग़म व अंदेशा और तंगी दूर फरमा दे।
 
 
मुझे इस शर से बचा जो मेरी ताक़त से ज़्यादा है और इस में मदद दे जो मै सह सकता हूँ ऐ वो जिस ने याक़ूब (अ:स) को युसूफ (अ:स) वापस दिलाया।
 
 
ऐ अय्यूब (अ:स) का दुःख दूर करने वाले ऐ दावूद (अ:स) की खता माफ़ करने वाले। ऐ ईसा (अ:स) इब्ने मरयम (स:अ) को आसमान पर उठाने वाले और इन्हें यहूदियों के चंगुल से छुड़ाने वाले ऐ तारीकियों में युनुस (अ:स) की फरयाद को पहुंचने वाले।


ऐ मूसा (अ:स) को अपने कलाम के लिए मुन्तखिब करने वाले। ऐ आदम (अ:स) के तरके-ऊला को माफ़ करने वाले और इदरीस (अ:स) को अपनी रहमत से बलंद मक़ाम पर ले जाने वाले।


ऐ नूह (अ:स) को डूबने से बचाने वाले ऐ वो जिस ने आड़ और ऊला और समूद को हलाक किया। पस किसी को न बाक़ी छोड़ा और इनसे पहले कौमे-नूह (अ:स) को हलाक किया जो बड़े ज़ालिम।


सरकश और दीन में फसाद करने वाले थे ऐ वो जिस ने कौमे-लूत (अ:स) की बस्तियों को उलट दिया और कौमे-शु'ऐब (अ:स) पर अज़ाब भेजा था। ऐ वो जिस ने इब्राहीम (अ:स) को अपना खलील बनाया।


ऐ वो जिस ने मूसा (अ:स) को अपना कालीन बनाया और मुहम्मद को अपना हबीब क़रार दिया के खुदा की रहमत हो ईन पर ईन की आल (अ:स) पर और ईन सब हस्तियों पर जिनका ज़िक्र हुआ है।


औ लुक़मान (अ:स) को हिकमत अता करने वाले। औ सुलेमान (अ:स) को ऐसी सलतनत देने वाले जैसी सल्तनत उनके बाद किसी को नहीं मिली।


ऐ वो जिस ने जाबिर बादशाहों के खलाफ ज़ुल'क़रनैन (अ:स) की मदद फरमाई। ऐ वो जिस ने खिज़र (अ:स) को दायेमी ज़िन्दगी दी और युशु'अ (अ:स) बिन नून की ख़ातिर आफताब को पलटाया जब के वो ग़ुरूब हो चुका था।


ऐ वो जिस ने मादरे मूसा (अ:स) के दिल को सुकून दिया और मरयम (स:अ) बिन्ते इमरान (अ:स) को पाक दामनी से सरफ़राज़ फरमाया।


ऐ वो जिस ने यहया (अ:स) बिन ज़करिया (अ:स) को गुनाह से महफूज़ रखा और मूसा (अ:स) से ग़ज़ब को दूर फरमाया ऐ वो जिस ने ज़करिया (अ:स) को यहया (अ:स) की बशारत दी


ऐ वो जिस ईन इस्माइल (अ:स) के ज़िबह होने को ज़िब'हे अज़ीम में बदला। ऐ वो जिस ने हाबील (अ:स) की कुर्बानी क़बूल फरमाई। और काबील पर लानत मुसल्लत कर दी।


ऐ हज़रत मुहम्मद (स:अ:व:व) की ख़ातिर कुफ्फर के जतथों को शिकस्त देने वाले मुहम्मद और आले मुहम्मद (स:अ) पर रहमत नाज़िल कर। अपने तमाम रसूलों (स:अ:व:व) पर और अपने मुक़र्रिब फरिश्तों पर और फरमाबरदार बन्दों पर रहमत नाज़िल फ़रमा और मै सवाल करता हूँ तुझ से हर इस सवाल के वास्ते से जो तेरे हर इस बन्दे ने किया जिस से तू राज़ी व खुश है


फिर तुने इसकी दुआ यक़ीनन क़बूल फरमाई। या अल्लाह। या अल्लाह या अल्लाह या रहमान या रहमान या रहमान या रहीम या रहीम या रहीम ऐ जलालत व बुज़ुर्गी वाले।


ऐ जलालत व बुज़ुर्गी वाले ऐ जलालत व बुज़ुर्गी वाले इसी का वास्ता इसी का इसी का इसी का इसी का इसी का इसी का मै सवाल करता हूँ तेरे हर इस नाम के वास्ते से जिस से तुने अपनी ज़ात को पुकारवाया अपने सहीफों में से किसी में उतारा या इसे इल्मे ग़ैब में अपने लिए मुक़र्रर व ख़ास किया है।


इन मक़ामात बुलंद का वास्ता जो तेरे अर्श में हैं। इस इन्तहाई रहमत का वास्ता जो तेरी किताब में है और इस आयत का वास्ता के अगर ज़मीन के तमाम दरख़्त क़लम और समंदर रोशनाई बन जाएँ इसके बाद सात समंदर और हों तो भी खुदा के कलमात तमाम नहीं होंगे।


बेशक अल्लाह ग़ालिब है। हिकमत वाला और मैं सवाल करता हूँ तेरे प्यारे नामों के साथ जिनकी तुने कुरान में तौसीफ की पस तुने कहा अल्लाह के लिए हैं प्यारे प्यारे नाम तो तुम इसे इन्ही से पुकारो मैं तुम्हारी दुआ क़बूल करूंगा और तुने कहा के जब मेरे बन्दे मुझे पुकारें तो मैं इन के क़रीब ही होता हूँ।


मैं दुआ करने वाले की दुआ क़बूल करता हूँ जब वो दुआ करे और तुने कहा ऐ मरे वो बन्दों जिन्होंने अपने ऊपर ज़ुल्म किया है। के अल्लाह की रहमत से ना-उम्मीद न हो जाना के बेशक अल्लाह तमाम गुनाह बख्श देगा यक़ीनन वो बहुत बख्शने वाला मेहरबान है।


और मैं सवाल करता हूँ तुझ से ऐ माबूद तुझे पुकारता हूँ ऐ परवरदिगार और तुझ से उम्मीद रखता हूँ ऐ मेरे आक़ा मै दुआ के क़बूल होने की तमा-अ रखता हूँ


 ऐ मेरे मौला जैसे तुने वादा किया और मैंने तुझे पुकारा जैसा के तुने मुझे हुकुम दिया पस ऐ करीम ज़ात तू भी मुझ से वो सुलूक कर जिसका तू अहल है।
 
 
 
 और तारीफ़ बस खुदा के लिए है जो आलामिन का रब है और मुहम्मद (स:अ:व:व) और तमाम आले-मुहम्मद (अ:स) पर अल्लाह रहमत फरमाए।
 
 
अल्लाहुम्मा सल्ले अला मुहम्मद व आले मुहम्मद (अ:स)

     

 

 

अरबी

अल्लाहूम्मा सल्ले अला मोहम्मदीन व आले मोहम्मद.

बिस्मिल्ला हिर रहमानीर रहीम


अल्ला-हूम्मा इन्नी अस'अलोका। बे-ल्स्मेका। बिस्मिल्ला हिर रहमानीर या ज़ल जलाले वल इकरामे या हय्यो या क़य्यूमो या हय्यो ला इलाहा इल्ला अन्ता या होवा या मन ला या’अ-लमो मा होवा व ला कैफ़ा होवा व ला ऐना होवा व ला हैसो'ओ होवा इल्ला होवा या ज़ल-मूलके वल-मलाकूते या ज़ल इज्ज़ते वल-जबरूते। या मलेको या कूददूसो या सलामो या मो'मेनो। या मोही'मेनो। या'अज़ीज़ो। या जब्बारो या मोताकब्बेरो। या खालिक़ो या बारी'ओ या मोसव'वेरो। या मोफीदो या मोदब'बीरो। या शादीदो या मोब'दिओ या मो'ईदों या मोबीदो या वदूदो। या महमूदो या मा'बूदो। या ब'ईदों या क़ारीबो या मोजीबो या रक़ीबो या हसीबो या बदीओ' या रफीओ या मणी'ओ या समीओ या अलीमो। या हलीमो। या करीमो। या हकीमो। या क़दीमो। या आलिओ या अज़िमो। या हन्नानो या मन्नानो। या दय्यानो या मूस्तानो। या जलीलो या जमीलो या वकीलों। या कफीलो या मोक़ीलो या मोनीलो या नाबीलो' या दलीलों या हादी या बदी या अव्वलो या आखिरो या ज़हिरो। व बातिनो। या क़ा'एम-ओ। या दा'एमो। या आलिमो। या हाकिमो। या क़ाज़ियो। या अदिलो। या फ़ासिलो। या वासिलो। या ताहिरो। या मोतह-हेरो। या क़ादिरो। या मोक़'तदिरो। या कबीरो। या मोताकब'बीरो। या वाहिदो। या अहदों। या समदो। या मन लम यलिद व लम यूलद या लम या-कूल-लहू कोफ़ो-अन अहद। या लम यकूल-लहू साहेबतों व ला काना मा'अहू वाज़िरून। व लत्ता'खज़ा मा'अहू मोशीरण। व लह-तजा इला ज़ाहीरिन। व ला काना मा'अहू मिन इल्लाहीं ग़ैरोहू। ला इलाहा इल्ला अन्ता फ़'ता'अ-लैयता। अम्मा यक़ू'लूज़-ज़ालेमूना ओलूवन कबीरण। या अलीयो। या शमिखो। या बाज़ेखो। या फ़त्ताहो। या नफ्फाहो। या मूर्तहो। या मोफ़र'रेजो। या नसिरो। या मूंतासिरो। या मोद्रीको। या मोहलिको। या मून-ताक़ीमो। या बा'एसो। या वारिसो। या तालिबो। या ग़ालिबो। या मन ला यफ़'फोतोहू हारेबून। या तव्वाबो। या अव्वाबो। या वह्हाबो। या मोसब-बे-बल असबाबे। या मोफ़त'तेहल अब्वाबे। या मन हैस मा दो'इया अज्बा। या तहूरो। या शकूरो। या अफ़ू'ओ या ग़फूरो। या नूरल नूरे। या मोदब'बेरल ओमूरे। या लतीफ़ो। या ख़बिरो। या मोजीरो। या मोनीरो। या बसेरो। या नसीरो। या कबीरो। या'वित्रो या फ़र्दोया अबदो। या सनादो। या समादो। या काफ़ी। या शाफ़ी। या वाफ़ी। या मो'आफ़ी। या मोह्सिनो। या मोज्मिलो।या मोन'इमो। या मोफ्ज़ेलो। या मोताकर 'रेमो। या मोताफ़र'रेदो। या मन' अला फ़क़'अहारा। या मन मलका फ़क़'आदरा।या मन बताना।फ़-ख़बर'अ। या मन 'ओबेदा फ़श'अकरा या मन 'ओसेया फ़'ग़'फरा।या मल ला ताः'वीहिल फ़िकरो।य'ला योद-रिकोहू बसारून। या ला यख़'फ़ा'अलैहे अत्हारोंन।या राज़े'क़ल बशारे।या मोक़द'देरा कुल्ली कदा'रिन। या'अली-यल'मकाने। या शादीदल अरकाने। या मोबद-देलज़-ज़माने।या क़बेलल क़ुर'बाने।या ज़ल-मन्ने। वल-अह्साने। या ज़ल-इज्ज़े वस-सुल्ताने।या रहीमो। या रहमानो। या मन होवा कुल्ले यौमिन फ़ी शानिन।या मन ला वश-गोलूहू शानून'अन शानिन। या'अज़ीमश-शाने।या मन होवा बे-कुल्ले मकानिन। या समे'अल-अस्वाते। या मोजीब-अद-दा'वाते। या मून'जेहत- तले'बाते। या काज़ेयल-हाजाते। या मोंज़ेलाल-बरकाते। या रहेमल 'आबेराते। या मोक़ीलाल-' असाराते। या कशेफल-कोरोबाते। या-वली-यल हसनाते। या रफे'अद-दराजाते। या मो'ती-यस-सो'लाते। या मोह-ये-यल अम्वाते। या जमे'अश-शाताते। या मोत्ताले'अन ' अलन्नी-याते। या रद'दा मा क़द फता। या मन-ला ताश-तबेहो ' अलैहि-ईल अस्वतो। या मन ला तोज़्जेरो-हूल मस'अला'तो व ला तग-शाहूज़-ज़ोलोमातो। या नूरल-अरज़े वस-समावाते या सबे'गंने'अमे। या दफ़े-अन-नेक़ामे। या बरे'अल-नेसामे। या जमे'अल ओमामे। या शफे-यस-सक़ामे या खालेक़न-नूरे। वज़-ज़लमे। या ज़ल जूदे वल-करामे। या मन ला यता'ओ अर्श'अहू क़'दामून या अज्वादल अज्वादीना। या अक्रमल-अक्रमीना। या अस्मा'अस-समे'इना। या अब्सारण-नाज़ेरीना। या जरल-मूस्ता'जीरीना। या अमनल-ख़ा'एफीना। या ज़हरल-लजीना। या वली-यल मो'मेनीना। या ग़े'यासल मोस-तग'इसीना। या गैयातत-तालेबीना। या साहेबा कुल्ले गरीबिन। या मुनीसा कुल्ली वहीदीन। या मलजा-अ कुल्ले तरिद'दीन। या मावा कूली शरीदीन। या हफेज़ा कुल्ले ज़ल-इअतिन। या राहेमाश-शैखिल-कबीरे। या रज़ेक़त- तिफ्लीस-सगीरे। या जबर-अल'अजमिल कसीरे। या फ़क-का कुल्ले असीरिन। या मोग्नी-यल-बा'एसिल-फ़कीरे। या इस्मतल-ख़ा'एफिल मूस्ता'जीरे। या मन लाहूत-तद'बीरो वत'तक़'दीरो। या मनिल'असीरो। अलैहे सहलूंन यसीरून। या मन ला यह'तजो इला तफ़'सीरिन। या मन होवा'अला कुल्ले शै-ईन क़'दीरून। या मन होवा बे-कुल्ले शै-ईन ख़'बिरून। या मन होवा बे-कुल्ली शै-ईन बसीरून। या मूर्सेलर-रेयाहे। या फ़ा'लेक़ालअस्बाहे। या बा'एसल अर्वाहे। या-ज़ल'जूदे वस-समाहे। या मन बे-यादेही कूल्लो मिफ़'तहिन। या समे'अ कुल्ले सौतिन। या साबेक़ा कुल्ले फौतिन। या मोह-येया कुल्ले नफ्सिन बा'दल मौते। या 'ओद्दती फ़ी शिद्दती या हाफेज़ी फ़ी गूरबती। या मूनेसी फ़ी वह'दती। या वली-यी फ़ी ने'मति। या कह्फ़ी हीना तो'ईनिल-मज़'अहिबो व तोसल-इ'ए'मोनिल-अक़'अरिबो व याख्ज़ो-लोनी कूल्लो साहेबिन या' इमादा मन ला 'इमादा लहू।या सनादा मन ला सनादा लहू। या ज़ू'खरा मन ला’ज़ूख्रा लहू। या हिर्ज़ा मन ला हिर्ज़ा लहू। या कह्फ़ा मन ला कह्फ़ा लहू। या कनज़ा मन ला कनज़ा लहू। या रूकना मन ला रूकना लहू। या गेयासा मन ला गेयासा लहू। या जरा मन ला जरा लहू। या जरे-यल-लासीक़ो। या रोकनी-यल-वासीक़ो। या इलाही बीत-तह'क़ीकी या रब्बल-बैतिल-अत्तिकी। या शफ़ी'क़ो। या रफ़ी'क़ो। फुक्कानी मिन हेल-अकील-माज़ी'क़े वासृफ़ 'अन्नी कुल्ला हम्मिन व गम्मिन व ज़ी'किन वक-फ़ेनी शर्रा मा’ला’ओतीक़ो व अ'इन्नी 'अला मा ओतीक़ो। या रददा यौसोफा 'अला या'कूबा। या कशेफा ज़र्रे अय्य-ऊबा या गाफ़ेरा ज़म्बे दा'वूदा। या राफ़े'अ 'इसब्ने मर्यम व मुंजे यहो मिन ऐदिल या-हूदे। या मोजीबा निदा'ए यूनूसा फ़िज़-ज़ोलोमा-ते या मोस्ता'फ़या मूसा बिल-कलेमाते। या मन ग़ा'फरा ले-आदमा खाती'अताहो व रफ़ा'अ इद्रीसा मकानन 'अली-यन बे-रह'मतेही।या मन नज्जा नूहन मिनल गर्क़े। या मन अहलका 'आदन’ निल-ऊला व समूदा फ़मा अब-क़ा व क़ौमा नूहीन मिन क़ब्लो इन्नाहूम कण-ऊ हूम अज़'लमा व अत्गा वल्मो' तफेकता अहवा। या मन दम्मारा ' अला कौमे लूतिन व दमदमा। 'अला क़ौमे शोईबिन। या मनित-तक-हज़ा इब्राहीमा खलीलन। या मनित-ताखाज़ा मूसा कलीमान। या मनित-तखाज़ा मोहम्मदन सल-लल-आहो ' अलैहे व अलेही अजमा'इना हबी-बन। या मो'तेया लोक्मनल हिकमता वल-वहाबा ले-सोलेमाना मुल्कन। ला यम्बगी ले-अहेदिम-मीम-बा'देहि। या मन नसारा ज़ल-क़र्नैने ' ऐ-अल-मलूकिल-जब'बेराते या मन अ'तल-खिज्रल-हैअता। व रददा ले-यूशा 'अबने नून-अश-शमसे बा'दा गोरूबीहा या मन राब्ता। अला क़लबे ऊमे मूसा व अहसना फर्जा मा-रयामब-नाते 'इमराना। या मन हस्सना यहया-ब्ना ज़कारिया मिनज़-ज़म्बे। व सक्काना 'अन मूसल-गज़ाबा। या मन बश-शेरा ज़क’रिय्या'बे-यहया। या मन फदा इस्मा'इला मिनज़-ज़ब्हे बे-ज़ब'हिन् 'अज़ीम। या मन काबला क़ूर्बाना हा-बिला वज'अलल-ला'नता ' अला क़बीला। या हज़ेमल-अह्ज़ाबे ले मोहम्मदीन सल-लल-लाहो ' अलैहे व आलेही सल्ली ‘अला मोहम्मदीन व 'आले मोहम्मदीन व' अला जमी'ईल अम्बिय्या'ए वल-मूरसलीना व मला'ए'कतेकल-मोक़र'रबीना व अहले ता-'अटका अजमा'इना व अस-अलोका बे-कुल्ले मस-'अलातिन सा'अलका बहा अहदूं मिम्मन रज़ी-ता ' अंहो फ़ा'हा'तमता लहू ' अलल इजा-बते। या अल्लाहो। या अल्लाहो। या अल्लाहो। या रहमानो। या रहमानो। या रहमानो। या रहीमो। या रहीमो। या रहीमो। या ज़ल-जलाले वल-इकरामे। या ज़ल-जलाले वल-इकरामे। या ज़ल-जलाले वल-इकरामे। बेहि। बेहि। बेहि। बेहि। बेहि। बेहि। बेहि। अस'अलोका बे-कुल्ले इस्मिन सम'मैय्ता बेहि नफ़'सका औ अंज़ा-इताहू फ़ी शै-ईन मिन कुतो'बेका ओईस-ता'थर्ता बेहि फ़ी 'इल्मिल-गैबी इनदका व बम' अक़ेदिल-इज्ज़े मिन 'अरशेका व बे-मून'तहर-रहमते मिन किताबेका व बम लौ  अन्ना मा फिल अरज़े मिन शाजा'रतीन अक़'लामून वल-बहरो यम'उद्दो-हू मीम-बा'देही सब'अतो अभोरिन मा नफ़े'दत का-लेमातू'ल्लाहे इन्नल-लाहा अज़ीज़ून हकीम। व अस'अलोका बे-अस्मा'एकल हूस्नल-लाती ना'अत्ता'हा फ़ी किताबेका फ़ा'क़ूल'ता व लिल्लाहिल अस्मा'उल-हूसना फद-ऊहो बेहा व'कुलता ‘उद’ऊनी अस्ताजिब लकोम व कुलता व इज़ा सा'अल-अक़ा 'इबादी ' अन्नी फ़ा-इन्नी क़री’ बून ओजीबो दा'वता'द-दा'ए इज़ा दा'अने व कुलटा या 'ल्बादेयल-लज़ीना असरफू ' अला अन्फोसेहीम ला ता’क्नातू मिन रहमतिल-लाहे इन्नल-लाहा याग़'फेरूज़-ज़ोनूबा जमी-अन इन्नाहू होवल ग़'फूरोर रहीम। व अना अस'अलोका या इलाही व अदूका या रब्बे। व अर्जूका या सय्यादी  व अत्मा'ओ फ़ी इजाबती। या मौलाया कमा व'अद’तनी व क़द दा'ओव्तोका कमा अमर्तानी फफ़-अल बी मा अन्ता अह-लोहू। या करीमो वल-हम्दो लील-लाहे रब्बिल' आलमीना। व सल-लल-लाहो'अला मोहम्मदीन व आलेही अजमा'ईन।

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