Hindi
Thursday 13th of August 2020
  12
  0
  0

अभी के अभी......

अभी के अभी......



अभी के अभी

 

हुसैन दे दे जो रन की रज़ा अभी के अभी.......

यज़ीद कर दूँ तेरा फेँसला अभी के अभी......

 

 

अली का शेर हूँ, अब्बास नाम है मेरा

चलेगी साथ मेरे अल्कमा अभी के अभी......

 

 

तपिश निचोड़ दूँ बढ़कर सुलगते सूरज से

फ़लक़ पे आऐगा इक ज़लज़ला अभी के अभी.....

 

 

मुजे मिली न इजाज़त ही जंग की वरना

अतापता ही न मिलता तेरा अभी के अभी....

 

 

न पूछ मेरी जलालत, मेरा जलाल न पूछ

उलट के रख दूँ मैँ ये करबला अभी के अभी..

  12
  0
  0
امتیاز شما به این مطلب ؟

latest article

    मौत के बाद बर्ज़ख़ की धरती
    दुआ ऐ सहर
    अमीरुल मोमिनीन अ. स.
    इस्लाम और सेक्योलरिज़्म
    हज़रत ज़ैनब के शुभ जन्म दिवस के अवसर ...
    बैतुलमुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी ...
    मानवाधिकार आयुक्त का कार्यालय खोलने ...
    जनाबे फातेमा ज़हरा का धर्म युद्धों मे ...
    भोर में उठने से आत्मा को आनन्द एवं ...
    नमाज.की अज़मत

 
user comment