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Thursday 9th of July 2020
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इल्म हासिल करना सबसे बड़ी इबादत है।

अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना: क़ुम में मदरसा-ए-हुज्जतिया की विशाल मस्जिद में कारगिल के मशहूर शिया आलिम हुज्जतुल इस्लाम शेख़ मुहम्मद हुसैन ज़ाकरी की मजलिस पढ़ते हुए हिंदुस्तान के प्रमुख शिया लीडर मौलाना कल्बे जवाद ने इल्म और आलिम के महत्व पर रौशनी डालते हुए कहाः इल्म हासिल करना सबसे बड़ी इबादत है और इसी लिए इस्लाम ने इल्म हासिल
इल्म हासिल करना सबसे बड़ी इबादत है।

अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना: क़ुम में मदरसा-ए-हुज्जतिया की विशाल मस्जिद में कारगिल के मशहूर शिया आलिम हुज्जतुल इस्लाम शेख़ मुहम्मद हुसैन ज़ाकरी की मजलिस पढ़ते हुए हिंदुस्तान के प्रमुख शिया लीडर मौलाना कल्बे जवाद ने इल्म और आलिम के महत्व पर रौशनी डालते हुए कहाः इल्म हासिल करना सबसे बड़ी इबादत है और इसी लिए इस्लाम ने इल्म हासिल करने पर बहुत ज़्यादा ताकीद की है।
हुज्जतुल इस्लाम शेख़ मुहम्मद हुसैन ज़ाकरी र.ह इमाम ख़ुमैनी र.ह मेमोरियल ट्रस्ट के स्थापक और कारगिल के मशहूर शिया धर्मगुरू थे कि जिनका अभी हाल ही देहांत हो गया था
उनके ईसाले सवाब की मजलिस पवित्र शहर क़ुम के मदरसा-ए-हुज्जतिया में भारत में सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई के प्रतिनिधि हुज्जतुल इस्लाम महदी महदवीपूर की ओर से आयोजित की गई जिसमें भारी संख्या में उल्मा ने शिरकत की।


source : abna24
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