Hindi
Sunday 3rd of July 2022
302
0
نفر 0

क़ुरआन तथा पश्चाताप जैसी महान समस्या 3

क़ुरआन तथा पश्चाताप जैसी महान समस्या 3

पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलिंग्न

लेखकः आयतुल्ला अनसारियान

2- सच्ची पश्चाताप का मार्ग

 

वास्तविकता तो यह है कि पश्चाताप एक साधारण और सरल कार्य नही है, बलकि आध्यात्मिक एंव अमली शर्तो के साथ ही पश्चाताप समपन्न हो सकती है।

शर्मिंदगी, भविष्य मे पवित्र रहने का पक्का इरादा, बुरे आचरण को अच्छे आचरण एंव आदत मे परिवर्तित करना, कर्मो का संशोधन करना, अतीत की क्षतिपूर्ति करना, और ईश्वर पर इमान तथा उसी पर भरोसा रखना, यह सब ऐसे तत्व है जिनके द्वारा पश्चाताप की इमारत अंतिम चरण मे पहुंचती है, तथा इसी के माध्यम से पश्चाताप हो सकता है।

 

إِلاَّ الَّذِينَ تَابُوا وَأَصْلَحُوا وَبَيَّنُوا فَأُولئِكَ أَتُوبُ عَلَيْهِمْ وَأَنَا التَّوَّابُ الرَّحِيمُ

 

इल्लल लज़ीना ताबू वअसलहू वबय्यनू फ़उलाएका अतूबो अलैहिम वअनत्तव्वाबुर्रहीम[1]

उन लोगो के अलावा जो पश्चाताप और अपनी इसलाह करले तथा जिसको छुपाया है उसे स्पष्ट कर दे, तो हम उनकी पश्चाताप को स्वीकार कर लेते है कि हम बेहतरीन पश्चाताप स्वीकार करने वाले तथा दयालु है।

 

إِنَّمَا التَّوْبَةُ عَلَى اللّهِ لِلَّذِينَ يَعْمَلُونَ السُّوءَ بِجَهَالَة ثُمَّ يَتُوبُونَ مِن قَرِيب فَأُولئِكَ يَتُوبُ اللّهُ عَلَيْهِمْ وَكَانَ اللّهُ عَلِيماً حَكِيماً

                                

इन्नमत्तौबतो अलल्लाहिल्लज़ीना यामालूनस्सूआ बेजहालतिन सुम्मा यतूबूना मिन क़रीबिन फ़उलाएका यतूबूल्लाहो अलैहिम वकानल्लाहो अलीमन हकीमा[2]

पश्चाताप सिर्फ़ उन लोगो का कर्तव्य है जो अज्ञानता के कारण बुराई करते है परन्तु तत्पश्चात पश्चाताप कर लेते है कि ईश्वर उनकी पश्चाताप को स्वीकार कर लेता है वह ज्ञानी एंव जानने वाला भी है और हिकमत वाला भी है।

जारी



[1] सुरए बक़रा 2, छंद 160

[2] सुरए नेसा 4, छंद 17

302
0
0% (نفر 0)
 
نظر شما در مورد این مطلب ؟
 
امتیاز شما به این مطلب ؟
اشتراک گذاری در شبکه های اجتماعی:
لینک کوتاه

latest article

स्वर्गीय दूत तथा पश्चाताप करने ...
लखनऊ में "एक शाम नाइजीरिया के ...
इस्लाम हर तरह के अत्याचार का ...
अशीष का सही स्थान पर खर्च करने का ...
मोंटपेलियर में ट्रेन दुर्घटना, 60 ...
तेहरान में ब्रिटिश दूतावास के ...
हदीसो के उजाले मे पश्चाताप 9
ईरान के इतिहास में पहली बार ...
शादी शुदा ज़िन्दगी
ज़ारिया में शिया मुसलमानों पर ...

 
user comment