Hindi
Thursday 19th of May 2022
244
0
نفر 0

पश्चाताप नैतिक अनिवार्य है 3

पश्चाताप नैतिक अनिवार्य है 3

पुस्तक का नामः पश्चताप दया का आलंगन

लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान

 

हमने इस से पूर्व के लेख मे यह बात स्पष्ट की थी के शैतान ने ईश्वर के आदेश का पालन नही किया जिसके कारण ईश्वर ने उसको अपने धर्मस्थल से यह कहकर के तू आज्ञाकारी नही है निकाल दिया क्योकि उसने घमंड किया था इस लेख मे हम आप के अध्ययन मे इज़ाफ़े हेतु कुरान के एक छंद से यह सिद्ध करेगे कि मानव को घमंड से बचना चाहिए।

क़ुरआन ने ईश्वर के आदेश के विरूद्ध शैतान की पस्ती, दुख, क्रूरता को उसके घमंड का कड़वा फ़ल जानता है, पस्ती, हलाक होने तथा दिव्य धर्मस्थल से निकलने का कारण घमंड बना। इस आधार पर मानव को घमंड से बचना चाहिए कि यह शैतानी चाल ईश्वर के आदेश का पालन करने से रोकती है।

पवित्र क़ुरआन हजरत आदम और उनकी पत्नि के बारे मे कहता हैः

 

قَالاَ رَبَّنَا ظَلَمْنَا أَنْفُسَنَا وَإِن لَمْ تَغْفِرْ لَنَا وَتَرْحَمْنَا لَنَكُونَنَّ مِنَ الْخَاسِرِينَ 

 

क़ाला रब्बना ज़लमना अनफ़ोसना वइन लम तग़फ़िरलना वतरहमना लनकुनन्ना मिनल ख़ासेरीना[१]

दोनो (आदम और उनकी पत्नि) ने कहाः हे ईश्वर हमने अपने ऊपर अत्याचार किया, यदि तूने हमे क्षमा नही किया और हम पर अपनी कृपा नही की तो हम घाटा उठाने वालो मे से हो जाएंगे।

 

जारी           



[१]  सुरए आराफ़ 7, छंद 23

244
0
0% (نفر 0)
 
نظر شما در مورد این مطلب ؟
 
امتیاز شما به این مطلب ؟
اشتراک گذاری در شبکه های اجتماعی:
لینک کوتاه

latest article

ज़ियारते नाहिया और उसूले काफ़ी
हम सब मुसलमान हैं, ट्रम्प को माइकल ...
उत्तर प्रदेश शिया वक़्फ़ बोर्ड की ...
प्रत्येक पाप के लिए विशेष ...
शैख़ निम्र की हत्या, ईरान को ...
क्या आपको मालूम है कि कब-कब केला ...
इस्लाम में पड़ोसी के अधिकार
मोमिन व मुनाफ़िक़ में अंतर।
आतंकवाद के जनक ने लगाया ईरान पर ...
यज़ीद रियाही के पुत्र हुर की ...

 
user comment