Hindi
Wednesday 18th of October 2017
code: 81087
बचपन का मोटापा बन सकता है उम्र भर के डिप्रेशन का कारण।

अबनाः मोटापे से संबंधित मेडिकल रिसर्च की यूरोपीय यूनियन ने चेतावनी दी है कि जो बच्चे 8 से 13 साल की उम्र में मोटापे का शिकार होते हैं वह अपने आनी वाली जिंदगी में बड़े स्तर पर डिप्रेशन में ग्रस्त रह सकते हैं। इस बात का खुलासा हाइलैंड में किए गए एक सर्वे से हुआ है जिसमें 889 लोगों के मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक मोटापे की लंबे समय तक समीक्षा की और अनंनततः यह परिणाम सामने आया।
जिसमें 1950 से लेकर 1970 तक के दहाईयों में पैदा होने वाले लोगों से संबंधित जानकारियां जमा की गई थी रिसर्च के बाद मालूम हुआ कि जो लोग 8 से 13 साल की उम्र में मोटे थे वह बड़े होने पर न केवल डिप्रेशन में ज्यादा ग्रस्त देखे गए बल्कि उनमें डिप्रेशन की शिद्दत भी साफ तौर पर दूसरों के मुक़ाबले में अधिक दिखाई दी।
इससे भी बढ़कर संकोच की बात यह देखने में आई कि ऐसे लोग अपनी पूरी जिंदगी में बार-बार डिप्रेशन के शिकार होते रहे जो लोग बड़े होने तक मोटापे से छुटकारा पाने में कामयाब हो गए थे उनमें भी बड़े होने पर डिप्रेशन मैं ग्रस्त होने का ख़तरा उन लोगों के मुकाबले में तीन गुना ज्यादा देखा गया जो बचपन से लेकर जवानी तक मोटे नहीं हुए थे।
इसके अलावा वह लोग जो बचपन से लेकर बुढ़ापे तक मोटापे में ग्रस्त रहे वह सामान्य स्थिति में डिप्रेशन के चार गुना ज्यादा शिकार बने। आईएएसओ ने अपनी ताजा प्रेस रिलीज में खासकर मां-बाप को यह चेतावनी दी है कि अपने बच्चों में मोटापे की अनदेखी न करें कि आपकी बात की उम्र में यही चीज उनके लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है और उन्हें हमेशा टेंशन में डाले रख सकती है।

user comment
 

latest article

  सदक़ा
  सीरिया, सेना ने किया क्षेत्रों आतंकवाद का ...
  तेहरान, शहीद हुजजी के अंतिम संस्कार में ...
  अबुस सना आलूसी
  सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई का हज ...
  सूरे अहज़ाब की तफसीर
  यमनी सेना के जवाबी हमले में सऊदी हथियारों ...
  सूरे रअद का की तफसीर 2
  हिज़्बुल्लाह की बढ़ती शक्ति और लोकप्रियता ...
  संतान प्राप्ति हेतु क़ुरआनी दुआ