Hindi
Tuesday 20th of February 2018
code: 80870

इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम की अहादीस

इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम की अहादीस

आज मिले अवसर से लाभ उठाओ, कौन जाने "कल" किसका होगा।



जिसकी ज़बान सच्ची होगी, उसका चरित्र पवित्र हो जाएगा।



विनम्रता यह है कि अन्य लोगों से भेंट के समय उन्हें सलाम करो और बहस से बचो, भले ही तुम्हारी बात सही हो।



आलसी लोग, दूसरों के अधिकार पूरे नहीं कर पाते जबकि असंयमी लोग, अपने अधिकार पर संतुष्ट नहीं रहते।



जो कोई ईश्वर पर भरोसा करता है वो किसी से वासजित नहीं होता और जो ईश्वर पर निर्भर रहता है विफ़ल नहीं होता।



ईमान का अर्थ है आस्था और कर्म, और इस्लाम का अर्थ है बिना कर्म की आस्था।

latest article

  अब्बासी हुकूमत का, इमाम हसन असकरी अ.स. ...
  इमाम को आदर्श बनाना
  आइम्मा का इल्म पैग़म्बर का इल्म है।
  ईरान में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया ...
  शाह अब्दुल अज़ीम हसनी
  सफ़र के महीने की बीस तारीख़
  आशूरा के बरकात व समरात
  सबसे पहला ज़ाएर
  शहादत हज़रत मोहम्मद बाकिर (अ)
  शहादते इमामे मूसा काज़िम

user comment