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Wednesday 27th of March 2019
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लखनऊ में जुमे की नमाज़ के बाद सऊदी शासन के विरुद्ध प्रदर्शन।

लखनऊ में जुमे की नमाज़ के बाद सऊदी शासन के विरुद्ध प्रदर्शन।

भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज जुमे की नमाज़ के बाद शिया मुसलमानों ने सऊदी अरब के ख़िलाफ विशाल प्रदर्शन किया।
सऊदी अरब के पवित्र नगर मदीना में स्थित जन्नतुल बक़ी नामक क़ब्रिस्तान है जहां पैग़मबरे इस्लाम (स) की बेटी हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ) की क़ब्र है और शिया मुसलमानों के चार इमामों के साथ-साथ इस्लाम धर्म की कई गणमान्य हस्तियां दफ़्न हैं, जिनकी क़ब्रों पर बने हुए रौज़ों को सऊदी शासन ने ईदुल फ़ित्र की आठवीं तारीख़ 1926 में ध्वस्त कर दिया था।
सऊदी शासन द्वारा ध्वस्त किये गए पैग़मबर इस्लाम (स) की सुपुत्री के रौज़े के पुनरनिरमार्ण की मांग को लेकर हर वर्ष ईद के आठवें दिन पूरी दुनिया के शिया मुसलमान सऊदी शासन के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करते हैं।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज ऐतिहासिक आसेफ़ी मस्जिद में जुमे की नमाज़ के बाद हज़ारों की संख्या में शिया समुदाय के लोगों ने सऊदी अरब के विरुद्ध प्रदर्शन कर जन्नतुल बक़ी में सऊदी शासन द्वारा ध्वस्त किए गए रौज़ों के पुनरनिरमार्ण की मांग की।
भारत के वरिष्ठ शिया धर्मगुरू और इमामे जुमा लखनऊ मौलाना सैय्यद कल्बे जवाद ने इस अवसर पर प्रदर्शन कर रहे शिया मुसलमानों को संबोधित करते हुए सऊदी शासन की कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि सऊदी अरब में जब से आले सऊद ने सत्ता संभाली है तब से पूरी दुनिया के मुसलमानों के विरुद्ध आत्याचार बढ़ा है।
लखनऊ के इमामे जुमा ने अपने भाषण में कहा कि हम सऊदी अरब के शासकों को कैसे मुसलमान मानें, जो पैग़मबरे इस्लाम (स) की सुपुत्री हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ) और पैग़मबरे इस्लाम (स) के ही नातियों की क़ब्रों पर बने रौज़ों को ध्वस्त करते हैं।
मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि हम आज यमन के हालात भी देख रहे हैं, जहां सऊदी अरब लगभग चार महीनों से मुसलमानों पर बम बरसा रहा है, तो यह कैसे हो सकता है कि एक मुसलमान रमज़ान के मुबारक महीने में रोज़ेदारों पर बम बरसाए, मौलाना ने कहा कि आले सऊद मुसलमान नहीं हैं बल्कि यह सब अमरीका और इस्राईल के एजेंट हैं। भारत के वरिष्ठ शिया धर्मगुरू ने कहा कि जब तक सऊदी अरब जन्नतुल बक़ी क़ब्रिस्तान में स्थित पैग़मबरे इस्लाम (स) की सुपुत्री और उनके नातियों की क़ब्रों पर फिर से रौज़ों का निर्माण नहीं करवा देता तब तक हम इसी तरह सऊदी शासन के ख़िलाफ़ हर वर्ष प्रदर्शन करते रहेंगे।
सऊदी अरब के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में हज़ारों की संख्या में शामिल शिया मुसलमानों ने अपने हाथों में सऊदी अरब के विरुद्ध लिखे नारों के प्लेकार्ड उठा रखा था और साथ ही सऊदी अरब मुर्दाबाद अमरीका मुर्दाबाद और इस्राईल मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे।


source : abna
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