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Wednesday 26th of June 2019
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कैंप डेविड समझौते को निरस्त करने की मांग कर रही है मिस्री जनता

 कैंप डेविड समझौते को निरस्त करने की मांग कर रही है मिस्री जनता

    कैंप डेविड समझौता मिस्र और इस्राईल के संबंधों में एक ऐसी संधि है जो मिस्री जनता से सबसे बड़ी ग़द्दारी समझी जाती है और तीस वर्षों तक इस्राईल को निःशुल्क गैस इस समझौता का ऐसा परिणाम है जिसे न केवल मिस्री जनता आज तक भुगत रही है बल्कि इस समझौते के कारण इस्राईल फ़िलिस्तीनी जनता को जी भर कर सता रहा है........

ऐसी स्थिति में कि मिस्री जनता अपने निर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुरसी से लज्जाजनक कैंप डेविड समझौते को निरस्त करने को अपनी मांगों में सर्वोपरि मान रही है ज़ायोनी शासन मोहम्मद मुरसी की सफलता और उसके परिणामों की ओर से चिंतित हो गया है। यद्यपि मोहम्मद मुरसी की विजय की घोषणा के साथ ही ज़ायोनी प्रधान मंत्री नेतन्याहू ने इस्राईल के साथ मिस्र की सहकारिता के जारी रहने की आशा जताई है किन्तु इख़वानुल मुसलेमीन ने कि जिसके मुरसी सदस्य हैं, पहले ही मिस्री जनता को कैंप डेविड समझौते पर पुनर्विचार का वचन दिया है। इस बात में संदेह नहीं कि मोहम्मद मुरसी की विजय मिस्र की क्रान्ति के उद्देश्यों को व्यवहारिक बनाने के मिस्री जनता के संकल्प को दर्शाती है। मिस्र में इस्लामवादियों की सफलता को बहुत से पर्यवेक्षक मिस्री जनता के लिए जनमत संग्रह की संज्ञा दे रहे हैं। यही कारण है कि पश्चिम मिस्र के राष्ट्रपति के चुनाव को मिस्र में राजनैतिक भूंकप के रूप में याद कर रहा है और इस घटना से बौखलाए ज़ायोनी शासन ने आशा जताई है कि क़ाहेरा और तेल अविव के बीच कैंप डेविड समझौते के आधार पर सहकारिता पहले की भांति जारी रहेगी। कैंप डेविड समझौता मिस्र और इस्राईल के संबंधों में एक ऐसी संधि है जो मिस्री जनता से सबसे बड़ी ग़द्दारी समझी जाती है और तीस वर्षों तक इस्राईल को निःशुल्क गैस इस समझौता का ऐसा परिणाम है जिसे न केवल मिस्री जनता आज तक भुगत रही है बल्कि इस समझौते के कारण इस्राईल फ़िलिस्तीनी जनता को जी भर कर सता रहा है। इस बात में संदेह नहीं कि ग़ज़्ज़ा का परिवेष्टन और इस क्षेत्र में मानव त्रासदी, इस्राईल के साथ मिस्र के पूर्व शासन के सहयोग का परिणाम है। यही कारण है कि अब मिस्री जनता कैंप डेविड को इतिहास का एक भाग बनाना चाहती है और नव निर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुरसी से इस संधि को निरस्त करने की इच्छुक है। पर्यवेक्षकों का मानना है कि अनवर सादात ने जब इस्राईल के साथ कैंप डेविड समझौता किया था उस समय मिस्री जनता इस समझौते के विरुद्ध थी अब जबकि मिस्र के नए राष्ट्रपति जनता द्वारा चुने गए हैं तो इस बात की प्रबल संभावना है कि मिस्र, इस्राईल के साथ कैंप डेविड समझौते को निरस्त कर देगा यह अलग बात है कि इसे व्यवहारिक होने में कुछ समय लग सकता है।(तेहरान रेडियो की हिन्दी सेवा के धन्यवाद के साथ)..........166


source : abna
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