Hindi
Tuesday 22nd of October 2019
  517
  0
  0

सुप्रीम लीडर के संदेश से सोशल मीडिया में मची हड़कंप।

सुप्रीम लीडर के संदेश से सोशल मीडिया में मची हड़कंप।

जर्मनी में ईरान के वाणिज्य दूतावास के प्रमुख मुहम्मद मेहदी ईमानी पूर का कहना है कि इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता का संदेश साइबर स्पेस की दुनिया में छा गया है और इसका मुख्य कारण यह है कि स्थानीय मीडिया और संचार माध्यमों ने सुनोयोजित ढंग से इसको प्रकाशित न करने का प्रयास किया।
उनका कहना था कि यूरोपीय युवा विशेषकर जर्मन युवाओं ने इस संदेश का व्यापक स्तर पर स्वागत किया है। उनका कहना था कि इन युवाओं ने वरिष्ठ नेता के संदेश को विभिन्न शैलियों के माध्यम से दुनिया के सामने पेश किया तथा प्रकाशित किया और यह इस बात को दर्शाता है कि इस संदेश ने जर्मन युवाओं को बहुत प्रभावित किया है।
श्री मुहम्मद मेहदी ईमानी ने कहा कि इस पत्र में विभिन्न वर्ग के लोगों को संबोधित किया गया है, सबसे पहले जर्मन मुसलमानों को जो विभिन्न देशों से पलायन करके यहां आये हैं। उनका कहना था कि जर्मनी में रह रहे तुर्क, अरब, अफ़ग़ान, भारतीय, पाकिस्तानीय और ईरानी युवाओं ने बढ़चढ़ कर स्वागत किया किन्तु इसका यह अर्थ नहीं है कि वरिष्ठ नेता का संदेश ग़ैर मुस्लिम युवाओं के लिए प्रकाशित नहीं हुआ क्योंकि साइबर स्पेस ने मुस्लिम और ग़ैर मुस्लिम युवाओं को समान रूप से इस संदेश से अवगत होने का अवसर प्रशस्त किया।
उनका कहना था कि अपने संदेश को दूसरों तक पहुंचाने और उन पर उनकी राय जानने के लिए वर्तमान समय में सोशल मीडिया जैसे बहुत से साधन हैं और जब हम एक चीज़ को सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं तो हमें पता चल जाता है कि कितने लोगों ने इसे पढ़ा, कमेंन्ट किया, दूसरों को शेयर किया और लाइक किया। यह भी पता चल जाता है कि इस संदेश को कितना पसंद किया गया है।


source : www.abna.ir
  517
  0
  0
امتیاز شما به این مطلب ؟

latest article

      सऊदी अरब में सज़ाए मौत पर भड़का संरा, ...
      मानवाधिकार आयुक्त का कार्यालय खोलने ...
      मियांमार के संकट का वार्ता से समाधान ...
      शबे यलदा पर विशेष रिपोर्ट
      न्याय और हक के लिए शहीद हो गए हजरत ...
      ईरान और तुर्की के मध्य महत्वपूर्ण ...
      बहरैन में प्रदर्शनकारियों के दमन के ...
      बहरैन नरेश के आश्वासनों पर जनता को ...
      विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता का ...
      अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी सैनिकों की ...

 
user comment