Hindi
Friday 28th of February 2020
  480
  0
  0

निर्देशिता बेमिस्ल वरदान (नेमत)2

निर्देशिता बेमिस्ल वरदान (नेमत)2

पुस्तकः कुमैल की प्रार्थना का वर्णन

लेखकः आयतुल्ला अनसारीयान

 

यदि मनुष्य ईश्वर की भौतिक एंव आध्यात्मिक वरदानो को देखे तथा उनपर सोच विचार करे तो उसे पता चलेगा कि ईश्वर की कृपा तथा उसके विशेष एंव सार्वजनिक फ़ैज़ ने उस पर चारो ओर से छाया कर रखा है और परमात्मा की कृपा उसके जीवन के प्रत्येक मोड़ पर उसके साथ है, ईश्वर की कृपा ने उसको इस प्रकार छिपा रखा है अपने निकट स्वर्गीदूतो पर भी इतना लुत्फ़ प्रदान नही किया!!

और जब मनुष्य मारेफ़त के साथ अपने कर्तव्यो का पालन करता है तथा इमानी शक्ति के बल पर अपने महबूब ईश्वर से मिलने के लिए क़दम बढ़ाता है तथा एक मिनट के लिए भी ईश्वर की पूजा और प्राणीयो की सेवा करने मे लापरवाही नही करता तथा अपने पूरे अस्तित्व एंव अंगो द्वारा सम्पूर्ण विनम्रता के साथ दिनो रात अपने पालनहार की बारगाह मे दया एंव कृपा की भीक मांगता रहता है। मनुष्य सिराते मुसतक़ीम (सीधे मार्ग) और दिव्य निर्देश के च्यन और दिव्य कर्तव्यो का पालन करने तथा वैध एंव अवैध का अनुपालन करने तथा प्राणीयो की सेवा (जो कि पवित्र क़ुरआन के आदेशानुसार बड़ा इनाम, अज्रे ग़ैरे ममनून, अज्रे करीम, अज्रे कबीर, रेज़ाए हक़ और सदैव के लिए स्वर्ग मे स्थान, यह सभी ईश्वर की कृपा के जलवे है) द्वारा ईश्वर की कृपा से लाभांतित होता रहता है। 

  480
  0
  0
امتیاز شما به این مطلب ؟

latest article

    सऊदी अरब में सज़ाए मौत पर भड़का संरा, ...
    मानवाधिकार आयुक्त का कार्यालय खोलने ...
    मियांमार के संकट का वार्ता से समाधान ...
    शबे यलदा पर विशेष रिपोर्ट
    न्याय और हक के लिए शहीद हो गए हजरत ...
    ईरान और तुर्की के मध्य महत्वपूर्ण ...
    बहरैन में प्रदर्शनकारियों के दमन के ...
    बहरैन नरेश के आश्वासनों पर जनता को ...
    विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता का ...
    अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी सैनिकों की ...

 
user comment