Hindi
Monday 22nd of April 2019
  726
  0
  0

पापो के बुरे प्रभाव 1

पापो के बुरे प्रभाव 1

पुस्तक का नामः पश्चाताप दया का आलंग्न

लेखकः आयतुल्ला अनसारीयान

 

पवित्र क़ुरआन और अहलेबैत की शिक्षाओ के अनुसार, लोक तथा परलोक मे पापो के बुरे प्रभाव है यदि पापी ने अपने पापो से पश्चाताप नही किया तो निस्संदेह इन बुरे प्रभाव को भुगतना होगा।

 

بَلَى مَنْ كَسَبَ سَيِّئَةً وَأَحَاطَتْ بِهِ خَطِيئَتُهُ فَأُولئِكَ أَصْحَابُ النَّارِ هُمْ فِيهَا خَالِدُونَ 

 

बला मन कसबा सय्येअतन वअहातत बेहि ख़तिअतोहू फ़ऊलाऐका असहाबुन्नारे हुम फ़ीहा ख़ालेदून[1]

हाँ, जिन्होने पाप किये और पापो (अपराधो) ने उनके अस्तित्व को घेर लिया, वोही लोग नरक मे जाऐंगे तथा सदैव वही पर रहेंगे।

 

قُلْ هَلْ نُنَبِّئُكُم بِالاَخْسَرِينَ أَعْمَالاً * الَّذِينَ ضَلَّ سَعْيُهُمْ فِي الْحَيَاةِ الدُّنْيَا وَهُمْ يَحْسَبُونَ أَنَّهُمْ يُحْسِنُونَ صُنْعاً * أُولئِكَ الَّذِينَ كَفَرُوا بَآيَاتِ رَبِّهِمْ وَلِقَائِهِ فَحَبِطَتْ أَعْمَالُهُمْ فَلاَ نُقِيمُ لَهُمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ وَزْناً 

 

क़ल हल नोनब्बेओकुम बिल अखसरीना आमालन * अल्लज़ीना ज़ल्ला सायोहुम फिलहयातिद्दुनिया वहुम याहसबूना अन्नहुम योहसेनूना सुनअन * उलाएकल लज़ीना कफारू बेआयाते रब्बेहिम वलेक़एहि फ़हबेतत आमालोहुम फ़ला नोक़ीमो लहुम योमल क़ियामते वज़नन*[2]

लोगो से कहोः तुम्हे सूचित करता हूँ कि सबसे अधिक घाटा उठाने वाले लोग वो है, जिनके सभी प्रयास दुनिया के जीवन मे नष्ट हो गय है तथा वो लोग कल्पना करते है कि उन्होने पुण्य का काम किया है।

ये वो लोग है जिन्होने अपने ईश्वर की निशानीयो तथा उस की भेट से नास्तिक हो गये है, इसी कारण उनके सभी कर्म नष्ट हो गये, इसी लिए क़यामत मे ऐसे व्यक्तियो के लिए कोई तराज़ू नही होगी (क्योकि तराज़ू उन व्यक्तियो के लिए है जिनके कर्म मापने योग्य हो, ये लापरवाह एवं पापो मे घिरे हुए लोग जिनके अमल नष्ट हो चुके है ऐसे लोगो के लिए कोई तराज़ू नही होगी)।

   

जारी



[1] सुरए बक़रा 2, छंद 81

[2] सुरए कहफ़ 18, छंद 103-105

  726
  0
  0
امتیاز شما به این مطلب ؟

آخرین مطالب

      رحم خدا در برزخ و قيامت‏
      روزگار امام دوازدهم
      امام زمان (عج) فريادرس انسان‏‌ها
      سیمای حضرت علی اکبر (ع)
      ياد پدر و مادر در نمازهاى يوميه‏
      تربيت در آخر الزمان
      حق خداوند متعال بر بنده
      آیه وفا
      توسّل اميرمؤمنان(ع) به سيّدالشهداء(ع)
      مقام شكر از منظر امام حسین(ع)

بیشترین بازدید این مجموعه

      مبعث پیامبر اکرم (ص)
      ازدواج غير دائم‏
      میلاد امام حسین (علیه السلام)
      آیه وفا
      اسم اعظمی که خضر نبی به علی(ع) آموخت
      یک آیه و این همه معجزه !!
      شاه کلید آیت الله نخودکی برای یک جوان!
      حاجت خود را جز نزد سه نفر نگو!
      فضيلت ماه شعبان از نگاه استاد انصاريان
      افزایش رزق و روزی با نسخه‌ امام جواد (ع)

 
user comment