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Saturday 20th of April 2019
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चिकित्सक 13

चिकित्सक 13

पुस्तक का नामः पश्चताप दया का आलंगन

लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान

 

हमने इस से पहले लेख मे कहा था कि मानव कल्याण और मानव के विनाश एवं अत्याचार से सुरक्षा के संदर्भ मे ईश्वर दूतो और निर्दोष नेताओ (इमामो) के माध्यम से अधिकांश विशवासनीय पुस्तको मे विस्तृत रूप से बयान किया गया है, अतीत मे जो पढ़ा वह मोतीयो से परिपूर्ण सागर का एक छोटा सा उदाहरण है। रहस्यवादीयो के माध्यम से भी यह बात उपदेशो मे उद्धृत हुई है कि उनके (ईश्वर दूतो तथा निर्दोष नेताओ के) कथनो का संग्रह मानव उपचार करने वाला एक नुस्ख़ा (डाक्टर द्वारा लिखित औषधि) है, स्वास्थय की ओर एक सही पथ, पापो और गंदगियो से बचने का रास्ता है उन हिकमतो के उदाहरण निम्नलिखित पंक्तियो मे अध्ययन करेंगे। इस लेख से हम उदाहरण प्रस्तुत कर रहे है।

बेदारी ने कहाः कि मैने चार चीज़ो की चार बातो के माध्यम से इच्छा प्रकट की परन्तु जिस तरीक़े का चयन किया वह ग़लत है, मैने देखा कि वह चार चीज़े दूसरे माध्यम से प्राप्त होती हैः मैने अनावश्यकता को धन एवं समपत्ति से प्राप्त करना चाहा, किन्तु उसको संतोष मे पाया; स्थान (मक़ाम व मनज़िलत) को पूर्वजो से प्राप्त करना चाहा, किन्तु उसे सदाचार (तक़वा) मे पाया; आराम को संमपत्ति की अधिकता से प्राप्त करना चाहा, किन्तु उसे कम संमपत्ति मे पाया; अशीष (नियामत) को वस्त्र भोजन एवं तृप्ति तक पहुँच जाने के माध्यम से प्राप्त करना चाहा, किन्तु उसे शरीर के स्वस्थ होने मे पाया।[1]  

लुक़मान ने अपने पुत्र को वसीयत मे कहाः जब कल ईश्वर तुम से चार चीज़ो से समबंधित प्रश्न करेः कि जवानी को किस चीज़ मे व्यय किया, अपनी आयु को किस कार्यक्रम मे समाप्त किया, धन को किस माध्यम से प्राप्त किया, एकत्रित किया हुआ धन कहा पर ख़र्च किया? ईश्वर के लिए इन प्रश्नो का उत्तर तैयार रखो।[2]

 

जारी



[1] मवाएज़ुल अदादीया, पेज 236

 

[2]  عن أبي عبد الله (عليه السلام) قال : كان فيما وعظ به لقمان ابنه يا بني... واعلم أنك ستسأل غدا إذا وقفت بين يدي الله عزّ وجل عن أربع : شبابك فيما أبليته وعمرك فيما أفنيته ومالك مما اكتسبته وفيما أنفقته فتأهب لذلك وأعد له جوابا .

 

अन अबिअबदिल्लाह (अलैहिस्सलाम) क़ालाः काना फ़ीमा वाअज़ा बेहि लुक़मान इबनेहि या बुनय्या... वाएलम अन्नका सतसअलो ग़दन एज़ा वक़फ़ता बैना यदइल्लाहा अज़्ज़ा वजल अन अरबाः शबाबका फ़ीमा अबलैतहू व उमरका फ़ीमा अफ़तैयतहू व मालका मिम्मा इकतसबतहू व फ़ीमा अनफ़क़तहू फ़तअहब लेज़ालेका व आअद लहू जवाबा।

काफ़ी, भाग 2, पेज 134 ज़म्मुद्दुनिया वज़्ज़ोहदो फ़ीहा का अध्याय, हदीस 20; बिहारुल अनवार, भाग 13, पेज 425, अध्याय 18, हदीस 19

 

 

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