Hindi
Thursday 23rd of May 2019
  826
  0
  0

कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 5

कुमैल को अमीरुल मोमेनीन (अ.स.) की वसीयत 5

पुस्तक का नामः दुआए कुमैल का वर्णन

लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान

 

हे कुमैल, प्रत्येक वर्ग के कुच्छ लोग दूसरे लोगो से बौद्धिक रूप से ऊपर होते है; बस गिरे हुए मानव के संघ जिराह और संघर्ष करने से बचो। यदी कोई अपशब्द सुनो तो उसे सहन करो और उनमे से हो जाओ जिन्हे ईश्वर ने वर्णित किया हैः जब कोई अज्ञानी अपशब्द कहता है, तो वह उस से अच्छे आचरण एंव स्वभाव के साथ मिलते है (अर्थात उनके अपवित्र आचरण को सहन करते है)।

हे कुमैलः हर हालत मे सत्य बोलो एंव मिताचारियो के संरक्षक बनो, पापीयो (फ़ासेक़ीन) से बचो, कपटीयो (मुनाफ़ेक़ीन) परिहार करो तथा धोखेबाज़ो (ख़ाएनीन) के साथ न बैठो।

हे कुमैल, अत्याचारियो के साथ उठबैठ रखने एंव उनसे व्यापार करे हेतु उनके द्वार नखटखटाओ, आदर व सत्कार करने एंव आज्ञा का पालन करने अथवा उनकी बैठको मे उपस्थित होने से बचो, यदि उनकी बैठक मे उपस्थिति अनिवार्य हो तो निरंतर ईश्वर का नाम लो और उस पर भरोसा रखो तथा उनकी बुराईयो से भगवान की शरण लो और उनके प्रपाशन की ओर ध्यान केंद्रित न करो, हृदय मे उनके कार्यो का खंडन तथा उनके सामने ईश्वर का सत्कार एंव उसकी महानता से उन्हे सुचित करो; क्योकि इस प्रकार तुम्हारी पुष्टि होगी तथा तुम उनकी बुराईयो से सुरक्षित रहोगे।       

    

जारी

  826
  0
  0
امتیاز شما به این مطلب ؟

latest article

      सऊदी अरब में सज़ाए मौत पर भड़का संरा, ...
      मानवाधिकार आयुक्त का कार्यालय खोलने ...
      मियांमार के संकट का वार्ता से समाधान ...
      शबे यलदा पर विशेष रिपोर्ट
      न्याय और हक के लिए शहीद हो गए हजरत ...
      ईरान और तुर्की के मध्य महत्वपूर्ण ...
      बहरैन में प्रदर्शनकारियों के दमन के ...
      बहरैन नरेश के आश्वासनों पर जनता को ...
      विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता का ...
      अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी सैनिकों की ...

 
user comment